{"_id":"5b7c495942c79246400aa3cd","slug":"91534871897-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रवासन नदी के उफान से बही यमकेश्वर की सीला नहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रवासन नदी के उफान से बही यमकेश्वर की सीला नहर
Updated Tue, 21 Aug 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
यमकेश्वर। ब्लाक यमकेश्वर की पांच ग्राम पंचायतों के खेतों को सिंचित करने वाली सीला नहर एक बार फिर रवासन नदी के उफान से क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके कारण ठिंगाबांज, गाजसेरा, ठंगरसेरा, दालमीसेरा व सीला गांव के ग्रामीणों के सामने धान के खेतों में सिंचाई की समस्या पैदा हो गई है। उन्होंने सिंचाई विभाग से नहर की मरम्मत करने की मांग की है।
2014 में यमकेश्वर में आई आपदा से नहर के हेड से 300 मीटर का हिस्सा बह गया था। कई बार जिलाधिकारी व विधायक से शिकायत करने के बाद सिंचाई विभाग द्वारा बमुश्किल वर्ष 2016 में सिंचाई नहर का हेड और बाकी क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत की गई थी। उसके बाद बंजर पड़ चुके खेतों में फिर से फसल लहलहाने लगी थी, लेकिन 13 अगस्त 2018 को रवासन नदी के उफान से नहर का 150 मीटर हिस्सा एक बार फिर से बह गया। इससे लोगों के धान की फसल से भरे खेतों में पानी की आपूर्ति ठप हो गई है।
ग्राम प्रधान सीला आशीष रतूड़ी, देवेंद्र सिंह, संतोष बडोला, हेमंत बडोला, सुभाष बडोला व रमेश बडोला ने बताया कि नहर क्षतिग्रस्त होेने और सिंचाई नहीं होने से खेत सूखने लगे हैं। ऐसे में खेतों को पर्याप्त पानी नहीं मिला तो धान की फसल सूखने की संभावना है। उन्होंने विभाग से शीघ्र से सीला सिंचाई नहर की मरम्मत कराने की मांग की है।
विज्ञापन
उधर, सिंचाई विभाग के अवर अभियंता अमित घिल्डियाल ने बताया कि बरसात के बाद सीला सिंचाई नहर के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कर उसको ठीक कर दिया जाएगा।
-फोटो
विज्ञापन
2014 में यमकेश्वर में आई आपदा से नहर के हेड से 300 मीटर का हिस्सा बह गया था। कई बार जिलाधिकारी व विधायक से शिकायत करने के बाद सिंचाई विभाग द्वारा बमुश्किल वर्ष 2016 में सिंचाई नहर का हेड और बाकी क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत की गई थी। उसके बाद बंजर पड़ चुके खेतों में फिर से फसल लहलहाने लगी थी, लेकिन 13 अगस्त 2018 को रवासन नदी के उफान से नहर का 150 मीटर हिस्सा एक बार फिर से बह गया। इससे लोगों के धान की फसल से भरे खेतों में पानी की आपूर्ति ठप हो गई है।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान सीला आशीष रतूड़ी, देवेंद्र सिंह, संतोष बडोला, हेमंत बडोला, सुभाष बडोला व रमेश बडोला ने बताया कि नहर क्षतिग्रस्त होेने और सिंचाई नहीं होने से खेत सूखने लगे हैं। ऐसे में खेतों को पर्याप्त पानी नहीं मिला तो धान की फसल सूखने की संभावना है। उन्होंने विभाग से शीघ्र से सीला सिंचाई नहर की मरम्मत कराने की मांग की है।
विज्ञापन
उधर, सिंचाई विभाग के अवर अभियंता अमित घिल्डियाल ने बताया कि बरसात के बाद सीला सिंचाई नहर के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कर उसको ठीक कर दिया जाएगा।
-फोटो