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श्रीमद्भागवत के श्रवण मात्र से कष्ट होते हैं दूर: आचार्य सुधीर
Updated Sun, 03 Jun 2018 10:24 PM IST
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कोटद्वार। द्वारीखाल ब्लाक के दिखेत गांव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विक्रम सिंह बिष्ट की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन कलश यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने ढोल दमाऊं की धुन के साथ कथा मंडप तक कलश यात्रा निकाली।
कथा के पहले दिन आचार्य सुधीर ध्यानी ने कहा कि श्रीमद्भागवत का आयोजन कराने से सात पीढ़ियों के पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कथा के आयोजकों के घर में सुख समृद्धि आती है और कथा का श्रवण करने मात्र से कष्ट दूर होते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत में भगवान श्रीकृष्ण ने कुटुंब पारिवारिक परिदृश्य को चरितार्थ किया है। भगवान ने एक परिवार के बीच अपने पराए का भेदभाव मिटाकर ग्रामीण संस्कृति में परिवार के साथ रहने का संदेश दिया है। वर्तमान में शहरों में प्राय: कुटुंब का अभाव है।
इस अवसर पर दीपिका नौटियाल, प्रकाश नेगी, प्रीतम नेगी, दुर्गेश बंदूणी, जीतेंद्र ध्यानी, आराधना देवी व अर्चना देवी आदि मौजूद थे।
उधर, डबरालस्यूं पट्टी के ग्राम गहली में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक आचार्य सुधाकर डबराल ने कहा कि संपूर्ण वेदों का सार लिए श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को सत्य के मार्ग पर चलने की सीख देती है। इस मौके पर चिंतामणि डबराल, प्रकाश डबराल, किरण कंडवाल, प्रेमचंद बिंजोला, सुमंत डबराल, महीधर कुकरेती, भावना कंडवाल, साधना रतूड़ी व माधुरी डबराल आदि उपस्थित रहे।
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-फोटो
मयलगांव ग्रामोत्सव में जुटेंगे प्रवासी
कोटद्वार। पोखड़ा ब्लाक के मयलगांव तल्ला में नौ जून से ग्रामोत्सव आयोजित किया जाएगा। संयोजक सयन सिंह रावत ने बताया कि ग्रामोत्सव नौ जून से 11 जून को आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रवासी गांव पहुंचकर गांव के विकास पर गोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और गांव से पलायन को रोकने के लिए कार्य कर रहे लोगों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने गांव के प्रवासियों को अपने गांव पहुंचने की अपील की है।
श्रीमद्भागवत कथा कल से
कोटद्वार। सुखरौ देवीमंदिर में पांच जून से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा वाचन व्यास दिनेश प्रसाद जुयाल करेंगे। यह जानकारी डबरालस्यूं निवासी दाताराम डबराल ने दी। उन्होंने बताया कि पांच जून को कलश यात्रा के साथ कथा का प्रारंभ होगा।
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कथा के पहले दिन आचार्य सुधीर ध्यानी ने कहा कि श्रीमद्भागवत का आयोजन कराने से सात पीढ़ियों के पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कथा के आयोजकों के घर में सुख समृद्धि आती है और कथा का श्रवण करने मात्र से कष्ट दूर होते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत में भगवान श्रीकृष्ण ने कुटुंब पारिवारिक परिदृश्य को चरितार्थ किया है। भगवान ने एक परिवार के बीच अपने पराए का भेदभाव मिटाकर ग्रामीण संस्कृति में परिवार के साथ रहने का संदेश दिया है। वर्तमान में शहरों में प्राय: कुटुंब का अभाव है।
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इस अवसर पर दीपिका नौटियाल, प्रकाश नेगी, प्रीतम नेगी, दुर्गेश बंदूणी, जीतेंद्र ध्यानी, आराधना देवी व अर्चना देवी आदि मौजूद थे।
उधर, डबरालस्यूं पट्टी के ग्राम गहली में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक आचार्य सुधाकर डबराल ने कहा कि संपूर्ण वेदों का सार लिए श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को सत्य के मार्ग पर चलने की सीख देती है। इस मौके पर चिंतामणि डबराल, प्रकाश डबराल, किरण कंडवाल, प्रेमचंद बिंजोला, सुमंत डबराल, महीधर कुकरेती, भावना कंडवाल, साधना रतूड़ी व माधुरी डबराल आदि उपस्थित रहे।
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मयलगांव ग्रामोत्सव में जुटेंगे प्रवासी
कोटद्वार। पोखड़ा ब्लाक के मयलगांव तल्ला में नौ जून से ग्रामोत्सव आयोजित किया जाएगा। संयोजक सयन सिंह रावत ने बताया कि ग्रामोत्सव नौ जून से 11 जून को आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रवासी गांव पहुंचकर गांव के विकास पर गोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और गांव से पलायन को रोकने के लिए कार्य कर रहे लोगों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने गांव के प्रवासियों को अपने गांव पहुंचने की अपील की है।
श्रीमद्भागवत कथा कल से
कोटद्वार। सुखरौ देवीमंदिर में पांच जून से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा वाचन व्यास दिनेश प्रसाद जुयाल करेंगे। यह जानकारी डबरालस्यूं निवासी दाताराम डबराल ने दी। उन्होंने बताया कि पांच जून को कलश यात्रा के साथ कथा का प्रारंभ होगा।