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थल सेनाध्यक्ष जनरल रावत ने गांव में परिजनों संग बिताए ढाई घंटे
Updated Sun, 29 Apr 2018 10:48 PM IST
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कोटद्वार। थल सेनाध्यक्ष जनरल विपिन रावत रविवार दोपहर लैंसडौन से कार द्वारा अपने पैतृक गांव विरमोली के उपग्राम सैंण पहुंचे। उनके गांव पहुंचने की खबर लगते ही पूरा गांव और आसपास के लोग स्वागत के लिए उमड़ पड़े। उन्होंने करीब ढाई घंटे परिजनों संग बिताए। इस दौरान उन्होंने गांव के लोगों के हालचाल भी जानें।
थल सेना अध्यक्ष बनने के बाद रविवार को पहली बार गांव पहुंचे जनरल विपिन रावत के कार्यक्रम को अत्यंत गोपनीय रखा गया था। पूरे क्षेत्र में सेना पुलिस, इंटेलीजेंस, सिविल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैनात थे। सेना के हेलीकाप्टर से जनरल रावत रविवार दिन में करीब 12 बजे लैंसडौन सेना मुख्यालय पहुंचे। थोड़ी देर विश्राम के बाद वह अपनी पत्नी मधुलिका रावत के साथ कार से गांव पहुंचे। सड़क से विरमोली पहुंचने के बाद गांव तक पहुंचने के लिए उन्हें करीब एक किमी खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ी। गांव पहुंचते ही ग्रामीणों और परिजनों ने उनका स्वागत किया।
यहां उनके स्वागत के लिए उनके चाचा भरत सिंह रावत और हरिनंदन सिंह समेत पूरा गांव उमड़ पड़ा। उन्होंने गांव को सड़क से जोड़ने और अन्य समस्याओं के बारे में शासन-प्रशासन से बात करने का भरोसा दिलाया। जनरल रावत काफी देर तक गांव में पैदल घूमे और बचपन की यादें ताजा कीं। वे ग्रामीणों से मिले और उनकी कुशलक्षेम पूछी। इस दौरान सेना की ओर से सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।
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जनरल विपिन रावत सोमवार को लैंसडौन जीआरआरसी और कोटद्वार में गबर सिंह कैंप का निरीक्षण करेंगे। उनके आगमन को लेकर कोटद्वार में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हुए हैं।
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थल सेना अध्यक्ष बनने के बाद रविवार को पहली बार गांव पहुंचे जनरल विपिन रावत के कार्यक्रम को अत्यंत गोपनीय रखा गया था। पूरे क्षेत्र में सेना पुलिस, इंटेलीजेंस, सिविल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैनात थे। सेना के हेलीकाप्टर से जनरल रावत रविवार दिन में करीब 12 बजे लैंसडौन सेना मुख्यालय पहुंचे। थोड़ी देर विश्राम के बाद वह अपनी पत्नी मधुलिका रावत के साथ कार से गांव पहुंचे। सड़क से विरमोली पहुंचने के बाद गांव तक पहुंचने के लिए उन्हें करीब एक किमी खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ी। गांव पहुंचते ही ग्रामीणों और परिजनों ने उनका स्वागत किया।
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यहां उनके स्वागत के लिए उनके चाचा भरत सिंह रावत और हरिनंदन सिंह समेत पूरा गांव उमड़ पड़ा। उन्होंने गांव को सड़क से जोड़ने और अन्य समस्याओं के बारे में शासन-प्रशासन से बात करने का भरोसा दिलाया। जनरल रावत काफी देर तक गांव में पैदल घूमे और बचपन की यादें ताजा कीं। वे ग्रामीणों से मिले और उनकी कुशलक्षेम पूछी। इस दौरान सेना की ओर से सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।
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जनरल विपिन रावत सोमवार को लैंसडौन जीआरआरसी और कोटद्वार में गबर सिंह कैंप का निरीक्षण करेंगे। उनके आगमन को लेकर कोटद्वार में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हुए हैं।