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होली पर नकली दूध- नकली मिठाई न डाल दे खुशी में खलल
Updated Wed, 28 Feb 2018 10:56 PM IST
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कोटद्वार। होली का त्योहार नजदीक आते ही क्षेत्र में बिकने वाली मिठाइयों और खाद्य सामग्रियों में बड़ी मात्रा में मिलावट की आशंका बनी रहती है। नकली मिठाई आपके त्योहारों की खुशी में खलल न डाले, इसके लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। सरकारी विभाग द्वारा लिए गए सैंपल की रिपोर्ट एक महीने बाद आएगी, ऐसे में आपको अपनी सेहत का स्वयं ही ध्यान रखना होगा।
होली के त्योहार पर दूध, मावा, घी, तेल, पनीर, बेसन आदि खाद्य पदार्थों से बनी सामग्री का अधिक प्रयोग होता है। उत्तर प्रदेश से सटा क्षेत्र होने के कारण बिजनौर जिले से क्विंटलों की तादाद में मावा, दूध और रेडीमेड मिठाइयां कोटद्वार और निकटवर्ती क्षेत्र में सप्लाई होती है। इन पर किसी की रोकटोक नहीं है। इसके चलते इसमें मिलावट की अधिक संभावना बनी रहती है। पौड़ी जिले में कोटद्वार सबसे संवेदनशील क्षेत्र है। होली का त्योहार आते ही एक बार फिर से विभाग के अधिकारियों को सैंपलिंग की याद आ गई है। अधिकारियों की मांनें तो नकली सामान की रोकथान के लिए होली में सैंपलिंग की जा रही है। पौड़ी जिले में मिलावटी सामग्री की जांच करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग के पास टेस्टिंग लैब उपलब्ध नहीं है। ऐसे में विभाग को सैंपल की जांच करने के लिए रुद्रपुर स्थित लैब में भेजना पड़ता है, जहां से रिपोर्ट आने में करीब एक महीने का समय लग जाता है। तब तक त्योहार में सैकड़ों क्विंटल मिठाई बिक चुकी होती है। लोग बीमार पड़कर ठीक हो चुके होते हैं। ऐसे में नकली मिठाइयों की सैंपलिंग का कोई औचत्य नहीं रह जाता है।
यह बात सही है कि पौड़ी जिले में सैंपलों की टेस्टिंग के लिए लैब उपलब्ध नहीं है। विभाग सैंपलिंग कर रुद्रपुर भेजता है, जिसे आने में कम से कम एक माह का समय लग जाता है। फिर भी विभाग नकली मिठाइयों की रोकथाम के लिए प्रयास जारी रखे हुए है।
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-अनिल मिश्रा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटद्वार
-फोटो
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होली के त्योहार पर दूध, मावा, घी, तेल, पनीर, बेसन आदि खाद्य पदार्थों से बनी सामग्री का अधिक प्रयोग होता है। उत्तर प्रदेश से सटा क्षेत्र होने के कारण बिजनौर जिले से क्विंटलों की तादाद में मावा, दूध और रेडीमेड मिठाइयां कोटद्वार और निकटवर्ती क्षेत्र में सप्लाई होती है। इन पर किसी की रोकटोक नहीं है। इसके चलते इसमें मिलावट की अधिक संभावना बनी रहती है। पौड़ी जिले में कोटद्वार सबसे संवेदनशील क्षेत्र है। होली का त्योहार आते ही एक बार फिर से विभाग के अधिकारियों को सैंपलिंग की याद आ गई है। अधिकारियों की मांनें तो नकली सामान की रोकथान के लिए होली में सैंपलिंग की जा रही है। पौड़ी जिले में मिलावटी सामग्री की जांच करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग के पास टेस्टिंग लैब उपलब्ध नहीं है। ऐसे में विभाग को सैंपल की जांच करने के लिए रुद्रपुर स्थित लैब में भेजना पड़ता है, जहां से रिपोर्ट आने में करीब एक महीने का समय लग जाता है। तब तक त्योहार में सैकड़ों क्विंटल मिठाई बिक चुकी होती है। लोग बीमार पड़कर ठीक हो चुके होते हैं। ऐसे में नकली मिठाइयों की सैंपलिंग का कोई औचत्य नहीं रह जाता है।
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यह बात सही है कि पौड़ी जिले में सैंपलों की टेस्टिंग के लिए लैब उपलब्ध नहीं है। विभाग सैंपलिंग कर रुद्रपुर भेजता है, जिसे आने में कम से कम एक माह का समय लग जाता है। फिर भी विभाग नकली मिठाइयों की रोकथाम के लिए प्रयास जारी रखे हुए है।
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-अनिल मिश्रा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटद्वार
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