{"_id":"5a579adb4f1c1b24198b468f","slug":"91515690715-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रीय सचेतक सम्मेलन में भागुली तीले धारू बोला.. की धूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रीय सचेतक सम्मेलन में भागुली तीले धारू बोला.. की धूम
Updated Thu, 11 Jan 2018 10:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। राजस्थान के उदयपुर में आयोजित 18वें राष्ट्रीय सचेतक सम्मेलन में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में कोटद्वार की लोक गायिका सुमित्रा रावत ने उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन किया है। सुमित्रा रावत की सांस्कृतिक टीम ने तीले धारू बोला.. पर छपेेली लोक नृत्य प्रस्तुत कर उत्तराखंड की लोक संस्कृति की छटा बिखेरी।
आठ जनवरी को राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में उदयपुर के रेडिशन ब्लू होटल में आयोजित राष्ट्रीय सचेतक सम्मेलन के शुभारंभ पर संस्कृत मंत्रालय भारत सरकार की ओर से देश के नौ राज्यों की सांस्कृतिक टीमों को आमंत्रित किया गया था। लोक संस्कृति के लिए बेहतरीन कार्य करने पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने के लिए कोटद्वार की आशुकला समिति की अध्यक्ष सुमित्रा रावत को आमंत्रित किया गया था। वहां सुमित्रा रावत ने तीले धारू बोला... उत्तराखंडी लोक गीत का गायन किया। उनकी टीम ने इस पर छपेली लोक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को उत्तराखंड की लोक संस्कृति से परिचय कराया।
-फोटो
विज्ञापन
आठ जनवरी को राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में उदयपुर के रेडिशन ब्लू होटल में आयोजित राष्ट्रीय सचेतक सम्मेलन के शुभारंभ पर संस्कृत मंत्रालय भारत सरकार की ओर से देश के नौ राज्यों की सांस्कृतिक टीमों को आमंत्रित किया गया था। लोक संस्कृति के लिए बेहतरीन कार्य करने पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने के लिए कोटद्वार की आशुकला समिति की अध्यक्ष सुमित्रा रावत को आमंत्रित किया गया था। वहां सुमित्रा रावत ने तीले धारू बोला... उत्तराखंडी लोक गीत का गायन किया। उनकी टीम ने इस पर छपेली लोक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को उत्तराखंड की लोक संस्कृति से परिचय कराया।
विज्ञापन
-फोटो