फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   कोटद्वार भाबर के 73 गांवों की शासकीय भूमि एवं संपति नगर निगम के नाम होगी दर्ज

कोटद्वार भाबर के 73 गांवों की शासकीय भूमि एवं संपति नगर निगम के नाम होगी दर्ज

Mon, 08 Jan 2018 09:53 PM IST
Updated Mon, 08 Jan 2018 09:53 PM IST
विज्ञापन
कोटद्वार भाबर के 73 गांवों की शासकीय भूमि एवं संपति नगर निगम के नाम होगी दर्ज
कोटद्वार। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि गत 19 दिसंबर को शहरी विकास विभाग की ओर से जारी शासनादेश के बाद नगर निगम में शामिल राजस्व ग्रामों और ग्राम पंचायतों का वजूद खत्म हो गया है। नगर निगम और तहसील प्रशासन को सीमा विस्तार में शामिल गांवों की समस्त शासकीय भूमि और संपत्तियां नगर निगम के नाम दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। कहा कि जल्द ही इस बारे में जिला प्रशासन की ओर से भी दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन

डीएम ने कहा कि सीमा विस्तार के बाद संबंधित ग्राम पंचायतों और राजस्व ग्रामों का अस्तिव समाप्त हो गया है। शासन की ओर से 29 दिसंबर को इस आशय का शासनादेश जिला प्रशासन और नगर निगम को प्राप्त हो चुका है। नगर निगम में शामिल गांव और पंचायतें अब पंचायतीराज अधिनियम के स्थान पर शहरी विकास विभाग का नगर निगम अधिनियम 1959 प्रभावी हो चुका है। नए शामिल क्षेत्र की समस्त शासकीय भूमि एवं संपत्तियां स्थानीय नगर निगम के नाम दर्ज होने जाने की व्यवस्था दी गई है। अधिसूचना के बाद निजी भूमि संपत्ति के अंतरण, हस्तांतरण या अन्य किसी विवाद की दशा में भूमि के प्रबंधन के संबंध में नगर निकाय द्वारा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
विज्ञापन

डीएम ने कहा कि नगर निगम के सभी 40 वार्डों में वोटर लिस्ट बनाने का कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही सभी वार्डों में बीएलओ की तैनाती कर दी जाएगी। स्थानीय निकायों के चुनाव निर्धारित समय पर कराने की तैयारी की जा रही है। वार्डों के परिसीमन का कार्य फाइनल कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed