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आपतियां निरस्त करने पर जनप्रतिनिधियों ने जताया आक्रोश
Updated Sun, 15 Oct 2017 09:43 PM IST
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किशनपुर (कोटद्वार)। भाबर क्षेत्र को नगर निगम में सम्मिलित किए जाने पर लगाई गई आपत्तियों को शासन द्वारा निरस्त किए जाने पर पंचायत भवन मगनपुर में जन प्रतिनिधियों की बैठक हुई। जनप्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन से सर्वसम्मति से इस मामले में जन सुनवाई करवाने की मांग की है।
रविवार को आयोजित बैठक में ग्राम प्रधान पूरण चंद्र शर्मा, सुरेश सिंह, वीरेंद्रपाल, कृष्ण चंद्र खंतवाल, विजय प्रकाश ध्यानी, कीरत सिंह, पूर्व बीडीसी मेंबर विजय पाल मेहरा, गणेश डबराल व पुष्कर जोशी आदि वक्ताओं ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2019 तक कृषि को बढ़ावा देते हुए कृषकों की आय को दोगुना करने पर बल दिया जा रहा है, वहीं कोटद्वार विधानसभा में 73 ग्रामों की कृषि भूमि को समाप्त करते हुए नगर निगम बनाने की तैयारी चल रही है। कहा कि भाबर में अधिकांश ग्रामीण कृषि, पशुपालन, मुर्गीपालन व बकरी पालन आदि कर अपना जीवन निर्वहन कर रहे हैं, जो नगर निगम बनने के बाद स्वत: ही समाप्त होने की कगार पर हैं। बताया कि नगर पालिका परिषद कोटद्वार के एक अध्यक्ष और ग्यारह सभासदों के प्रस्ताव पर 26 क्षेत्र पंचायत सदस्यों और करीब 300 पंचायत सदस्यों के कार्यक्षेत्र को नगर निगम में मिलाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस अवसर पर जन सुनवाई के संबंध में सभी जनप्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से शहरी विकास विभाग देहरादून और जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल को ज्ञापन देने का निर्णय लिया है।
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रविवार को आयोजित बैठक में ग्राम प्रधान पूरण चंद्र शर्मा, सुरेश सिंह, वीरेंद्रपाल, कृष्ण चंद्र खंतवाल, विजय प्रकाश ध्यानी, कीरत सिंह, पूर्व बीडीसी मेंबर विजय पाल मेहरा, गणेश डबराल व पुष्कर जोशी आदि वक्ताओं ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2019 तक कृषि को बढ़ावा देते हुए कृषकों की आय को दोगुना करने पर बल दिया जा रहा है, वहीं कोटद्वार विधानसभा में 73 ग्रामों की कृषि भूमि को समाप्त करते हुए नगर निगम बनाने की तैयारी चल रही है। कहा कि भाबर में अधिकांश ग्रामीण कृषि, पशुपालन, मुर्गीपालन व बकरी पालन आदि कर अपना जीवन निर्वहन कर रहे हैं, जो नगर निगम बनने के बाद स्वत: ही समाप्त होने की कगार पर हैं। बताया कि नगर पालिका परिषद कोटद्वार के एक अध्यक्ष और ग्यारह सभासदों के प्रस्ताव पर 26 क्षेत्र पंचायत सदस्यों और करीब 300 पंचायत सदस्यों के कार्यक्षेत्र को नगर निगम में मिलाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस अवसर पर जन सुनवाई के संबंध में सभी जनप्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से शहरी विकास विभाग देहरादून और जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल को ज्ञापन देने का निर्णय लिया है।
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