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73 गांवों को नगर निगम में मिलाने के विरोध में घेरी तहसील
Updated Thu, 05 Oct 2017 10:55 PM IST
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कोटद्वार। भाबर बचाओ, गांव बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले बृहस्पतिवार को काशीरामपुर समेत भाबर की 35 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने तहसील घेरकर नगर निगम का पुरजोर विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से भाबर के 73 गांवों को कोटद्वार नगर पालिका की सीमा में मिलाने का विरोध करते हुए शहर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने तहसील के सामने सांकेतिक जाम लगाकर अपनी ताकत का अहसास कराया। ग्रामीणों ने सात अक्तूबर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कोटद्वार दौरे का भी विरोध किया। कहा कि ग्रामीण सीएम के समक्ष भी विरोध दर्ज कराएंगे।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संघर्ष समिति के बैनर तले बृहस्पतिवार को सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण अपने क्षेत्रों से लोनिवि गेस्ट हाउस पहुंचे। यहां ग्राम प्रधान चंद्र प्रकाश नैथानी, प्रधान संघ के अध्यक्ष सुरेश रावत, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सूरज कांति के नेतृत्व में ग्रामीणों ने झंडाचौक, बदरीनाथ मार्ग होते हुए तहसील तक रैली निकाली। तहसील के सामने प्रदर्शनकारियों ने सांकेतिक जाम लगाकर अपनी ताकत का अहसास शासन-प्रशासन को कराया। कहा कि ग्रामीणों को नगर निगम कतई मंजूर नहीं है। सरकार ग्रामीण जनता पर जबरन नगर निगम को थोप रही है। इसका खामियाजा उसे अगले लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा। तहसील का घेराव करते हुए प्रदर्शनकारियों ने 35 ग्राम पंचायतों के 73 गांवों को नगर निगम में मिलानेे का घोर विरोध कियाते हुए प्रदेश सरकार पर ग्रामीणों की पीठ पर छुरा घोंपने का आरोप लगाया।
वक्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार कंडी रोड, मेडिकल कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय, कण्वाश्रम सहित विभिन्न मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है। उन्होंने नगर निगम बनाए जाने की भाजपा की मंशा को पूरा न होने देने के लिए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। कहा कि जनविरोधी सरकारों के खिलाफ अब जनता लामबंद हो गई है। इससे अब जनता पर सरकार जनविरोधी निर्णय नहीं थोप सकेगी। जनसभा को प्रधान चंद्रप्रकाश नैथानी, पूर्व सभासद गुड्डूचौहान, डा. चंद्रमोहन खर्कवाल, ग्राम प्रधान संघ के अध्यक्ष सुरेश रावत, दीपक पांडे, रंजना रावत, सूरज कांति, विजयराम, पूरणचंद, रेखा रावत, विनोद सिंह, अंजू पुंडीर, चंद्रेश लखेड़ा समेत कई जनप्रतिनिधियों ने संबोधित किया। सभा का संचालन महानंद ध्यानी ने किया। समिति के संयोजक महानंद ध्यानी ने कहा कि आगामी सात अक्तूबर को मुख्यमंत्री के कोटद्वार आगमन पर घोर विरोध किया जाएगा।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संघर्ष समिति के बैनर तले बृहस्पतिवार को सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण अपने क्षेत्रों से लोनिवि गेस्ट हाउस पहुंचे। यहां ग्राम प्रधान चंद्र प्रकाश नैथानी, प्रधान संघ के अध्यक्ष सुरेश रावत, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सूरज कांति के नेतृत्व में ग्रामीणों ने झंडाचौक, बदरीनाथ मार्ग होते हुए तहसील तक रैली निकाली। तहसील के सामने प्रदर्शनकारियों ने सांकेतिक जाम लगाकर अपनी ताकत का अहसास शासन-प्रशासन को कराया। कहा कि ग्रामीणों को नगर निगम कतई मंजूर नहीं है। सरकार ग्रामीण जनता पर जबरन नगर निगम को थोप रही है। इसका खामियाजा उसे अगले लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा। तहसील का घेराव करते हुए प्रदर्शनकारियों ने 35 ग्राम पंचायतों के 73 गांवों को नगर निगम में मिलानेे का घोर विरोध कियाते हुए प्रदेश सरकार पर ग्रामीणों की पीठ पर छुरा घोंपने का आरोप लगाया।
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वक्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार कंडी रोड, मेडिकल कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय, कण्वाश्रम सहित विभिन्न मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है। उन्होंने नगर निगम बनाए जाने की भाजपा की मंशा को पूरा न होने देने के लिए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। कहा कि जनविरोधी सरकारों के खिलाफ अब जनता लामबंद हो गई है। इससे अब जनता पर सरकार जनविरोधी निर्णय नहीं थोप सकेगी। जनसभा को प्रधान चंद्रप्रकाश नैथानी, पूर्व सभासद गुड्डूचौहान, डा. चंद्रमोहन खर्कवाल, ग्राम प्रधान संघ के अध्यक्ष सुरेश रावत, दीपक पांडे, रंजना रावत, सूरज कांति, विजयराम, पूरणचंद, रेखा रावत, विनोद सिंह, अंजू पुंडीर, चंद्रेश लखेड़ा समेत कई जनप्रतिनिधियों ने संबोधित किया। सभा का संचालन महानंद ध्यानी ने किया। समिति के संयोजक महानंद ध्यानी ने कहा कि आगामी सात अक्तूबर को मुख्यमंत्री के कोटद्वार आगमन पर घोर विरोध किया जाएगा।
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