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अनशनकारी डा. शक्तिशैल के स्वास्थ्य में गिरावट, वजन घटा, रक्तचाप बढ़ा
Updated Fri, 06 Apr 2018 10:44 PM IST
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कोटद्वार। नगर निगम की अधिसूचना निरस्त करने की मांग को लेकर नगर निगम विरोध संघर्ष समिति के अध्यक्ष डा. शक्तिशैल कपरवाण का आमरण अनशन शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। चौथे दिन उनके स्वास्थ्य में जबर्दस्त गिरावट दर्ज की गई है। सरकारी अस्पताल के डाक्टर ने उनके स्वास्थ्य का परीक्षण किया, जिसमें 24 घंटे के भीतर एक किलोग्राम से अधिक वजन गिरने और रक्तचाप बढ़ने की जानकारी प्रशासन को दी गई है। उधर, उनके आमरण अनशन को समर्थन देने के लिए पूरे दिन ग्रामीणों का तांता लगा रहा।
शुक्रवार को डा. शक्तिशैल कपरवाण का आमरण अनशन चौथे दिन में प्रवेश कर गया। स्थानीय प्रशासन ने तीसरे दिन से उनके स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था कराई। बृहस्पतिवार को बेस चिकित्सालय के डाक्टरों ने उनके वजन समेत कई जांचें कीं। शुक्रवार को पूरे 24 घंटे के बाद उनके वजन में करीब सवा किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। रक्तचाप भी बढ़ा हुआ था। आमरण अनशनकारी के समर्थन में प्रदीप नेगी, विजय कंडारी, गबर सिंह रावत और बंटी नेगी क्रमिक अनशन पर बैठे, जबकि कई लोगों ने धरना भी दिया। उत्तराखंड लोक साहित्य, सांस्कृतिक संगठन, ग्रामीण विकास नागरिक मंच, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी राष्ट्रीय मोर्चा, कोटद्वार नागरिक मंच, ग्राम प्रधान संगठन दुगड्डा, उपप्रधान संगठन दुगड्डा, कण्वाश्रम ग्राम स्वराज समिति और पुलिस पेंशनर्स कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कोटद्वार भाबर की 35 ग्राम पंचायतों के 73 गांवों का वजूद खत्म कर नगर निगम बनाए जाने का पुरजोर विरोध किया है। लोक साहित्य मंच के अध्यक्ष सत्यप्रसाद थपलियाल ने कहा कि नगर निगम बनाने से गांवों की संस्कृति और परंपराएं नष्ट हो जाएंगी।
धरना-प्रदर्शन में कण्वाश्रम स्वराज समिति की संरक्षिका शशिप्रभा रावत, प्रवेश चंद्र नवानी, सुरेश रावत, यतेंद्र रूडोला, पितृशरण जोशी, गोविंद डंडरियाल, नागरिक मंच के महामंत्री हरीश भदूला, प्रवेंद्र रावत, सुरेंद्र लाल आर्य, डबल सिंह रावत, बृजपाल सिंह नेगी, चंद्रप्रकाश नैथानी, किसान नेता पातीराम ध्यानी, सुरेश बलूनी, महेंद्र सिंह रावत, दीपक पांडे व जयकृत राणा समेत कई ग्रामीण मौजूद थे।
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शुक्रवार को डा. शक्तिशैल कपरवाण का आमरण अनशन चौथे दिन में प्रवेश कर गया। स्थानीय प्रशासन ने तीसरे दिन से उनके स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था कराई। बृहस्पतिवार को बेस चिकित्सालय के डाक्टरों ने उनके वजन समेत कई जांचें कीं। शुक्रवार को पूरे 24 घंटे के बाद उनके वजन में करीब सवा किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। रक्तचाप भी बढ़ा हुआ था। आमरण अनशनकारी के समर्थन में प्रदीप नेगी, विजय कंडारी, गबर सिंह रावत और बंटी नेगी क्रमिक अनशन पर बैठे, जबकि कई लोगों ने धरना भी दिया। उत्तराखंड लोक साहित्य, सांस्कृतिक संगठन, ग्रामीण विकास नागरिक मंच, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी राष्ट्रीय मोर्चा, कोटद्वार नागरिक मंच, ग्राम प्रधान संगठन दुगड्डा, उपप्रधान संगठन दुगड्डा, कण्वाश्रम ग्राम स्वराज समिति और पुलिस पेंशनर्स कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कोटद्वार भाबर की 35 ग्राम पंचायतों के 73 गांवों का वजूद खत्म कर नगर निगम बनाए जाने का पुरजोर विरोध किया है। लोक साहित्य मंच के अध्यक्ष सत्यप्रसाद थपलियाल ने कहा कि नगर निगम बनाने से गांवों की संस्कृति और परंपराएं नष्ट हो जाएंगी।
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धरना-प्रदर्शन में कण्वाश्रम स्वराज समिति की संरक्षिका शशिप्रभा रावत, प्रवेश चंद्र नवानी, सुरेश रावत, यतेंद्र रूडोला, पितृशरण जोशी, गोविंद डंडरियाल, नागरिक मंच के महामंत्री हरीश भदूला, प्रवेंद्र रावत, सुरेंद्र लाल आर्य, डबल सिंह रावत, बृजपाल सिंह नेगी, चंद्रप्रकाश नैथानी, किसान नेता पातीराम ध्यानी, सुरेश बलूनी, महेंद्र सिंह रावत, दीपक पांडे व जयकृत राणा समेत कई ग्रामीण मौजूद थे।
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