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नगर निगम की अधिसूचना रद्द नहीं हुई तो होगा आमरण अनशन
Updated Mon, 26 Mar 2018 10:51 PM IST
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कोटद्वार। नगर निगम विरोध संघर्ष समिति का सोमवार को धरना-प्रदर्शन जारी रहा। ग्रामीणों ने सरकार से उच्च न्यायालय का सम्मान करते हुए नगर निगम की अधिसूचना को रद्द करने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर आमरण अनशन करने की चेतावनी दी।
सोमवार को नगर निगम विरोध संघर्ष समिति के अध्यक्ष डा. शक्तिशैल कपरवाण के नेतृत्व में ग्रामीण तहसील में एकत्र हुए। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। इस अवसर पर अध्यक्ष कपरवाण ने कहा कि सरकार की यही नीति रही तो आने वाले लोक सभा चुनाव में भाजपा को अपनी पांचों सीट गंवानी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के उद्देश्य से जिन पंचायत अधिकारियों को स्थानांतरित किया गया है, उन्हें नगर निगम की अधिसूचना रद्द होने के बाद वापस बुलाना चाहिए।
समिति के उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश नैथानी ने कहा कि नगर निगम के विरोध में 5594 आपत्तियां बड़ा रिकार्ड है। उन्होंने सरकार से ग्राम पंचायत स्तर पर जनसुनवाई करने की मांग की। उपाध्यक्ष प्रवेंद्र रावत ने सरकार से नगर निगम की अधिसूचना रद्द करने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने आमरण अनशन करने की चेतावनी दी है।
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इस अवसर पर शिब्बूनगर के प्रधान डबल सिंह रावत, मनमोहन सिंह नेगी, महावीर सिंह रावत, हरीश घिल्डियाल, विजय कंडारी, गोविंद डंडरियाल, वीरेंद्र थलेडी, महानंद ध्यानी, भारत सिंह नेगी, गजे सिंह रावत, रुकमा देवी, सुनील रावत, दीपक घिल्डियाल, उमेद सिंह चौधरी, प्यारी देवी, सुल्तान सिंह रावत, सतीश जदली व अर्जुन सिंह पुुंडीर आदि मौजूद थे।
-फोटो
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सोमवार को नगर निगम विरोध संघर्ष समिति के अध्यक्ष डा. शक्तिशैल कपरवाण के नेतृत्व में ग्रामीण तहसील में एकत्र हुए। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। इस अवसर पर अध्यक्ष कपरवाण ने कहा कि सरकार की यही नीति रही तो आने वाले लोक सभा चुनाव में भाजपा को अपनी पांचों सीट गंवानी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के उद्देश्य से जिन पंचायत अधिकारियों को स्थानांतरित किया गया है, उन्हें नगर निगम की अधिसूचना रद्द होने के बाद वापस बुलाना चाहिए।
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समिति के उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश नैथानी ने कहा कि नगर निगम के विरोध में 5594 आपत्तियां बड़ा रिकार्ड है। उन्होंने सरकार से ग्राम पंचायत स्तर पर जनसुनवाई करने की मांग की। उपाध्यक्ष प्रवेंद्र रावत ने सरकार से नगर निगम की अधिसूचना रद्द करने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने आमरण अनशन करने की चेतावनी दी है।
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इस अवसर पर शिब्बूनगर के प्रधान डबल सिंह रावत, मनमोहन सिंह नेगी, महावीर सिंह रावत, हरीश घिल्डियाल, विजय कंडारी, गोविंद डंडरियाल, वीरेंद्र थलेडी, महानंद ध्यानी, भारत सिंह नेगी, गजे सिंह रावत, रुकमा देवी, सुनील रावत, दीपक घिल्डियाल, उमेद सिंह चौधरी, प्यारी देवी, सुल्तान सिंह रावत, सतीश जदली व अर्जुन सिंह पुुंडीर आदि मौजूद थे।
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