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गुलदार के हमले में एक घायल, अस्पताल में भर्ती
Updated Fri, 28 Jul 2017 10:38 PM IST
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कोटद्वार। शहर से सटे मानपुर गांव की घनी आबादी में घुसे गुलदार ने एक व्यक्ति पर हमलाकर उसे घायल कर दिया। घायल ने शोर मचाकर किसी तरह गुलदार से अपने को छुड़ाया। रात को ही घायल को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। परिजनों ने घटना की जानकारी वन विभाग को दी।
ग्रामीणों के अनुसार मानपुर निवासी राकेश मोहन खंतवाल (पप्पू) बृहस्पतिवार रात को घर पर सोया हुआ था। करीब पौने बारह बजे उसे गोशाला से कुछ आहट सुनाई दी। वह घर से निकलकर तुरंत गोशाला की ओर बढ़ा, जैसे ही वह गोशाला के पास गया, वहां गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। उसने किसी तरह शोर मचाकर गुलदार से जान बचाई। शोरगुल सुनकर पड़ोसी और ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। रात में ही आनन-फानन में लहूलुहान हालत में राकेश को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके बाएं हाथ की एक अंगुली कट गई है, जबकि एक पैर बुरी तरह जख्मी हो गया।
लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि वन विभाग की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही है। घायल व्यक्ति को वन विभाग की टीम ने ही अस्पताल पहुंचाया था। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। मेडिकल रिपोर्ट मिलते ही पीड़ित को मुआवजा दिया जाएगा।
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वन सीमा से सटे गांवों में रात को संभलकर करें आवाजाही
कोटद्वार के जंगलों से सटे गांवों में रात को आवाजाही जान को खतरे में डाल सकती है। वन सीमा से सटे लालपानी और सनेह के गांवों के साथ ही पदमपुर सुखरौ के गांव ध्रुवपुर, लालपुर, मानपुर, शिवपुर, पदमपुर तक रात को गुलदार धमक रहा है। कई बार पदमपुर चौराहे के आसपास रात को गुलदार देखा गया है। वन अधिकारियों की मानें तो गुलदार का कुत्ता प्रिय भोजन है, वह उसी की तलाश में आबादी तक धमक रहा है। वन विभाग की गश्त तो चल रही है, लेकिन घात लगाए बैठा गुलदार कहां किस मोड़ पर मिल जाए, कुछ नहीं कहा जा सकता है। कई स्थानों पर सुबह सवेरे तीन से चार बजे के बीच भी गुलदार की धमक देखी गई है।
फोटो समाचार
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ग्रामीणों के अनुसार मानपुर निवासी राकेश मोहन खंतवाल (पप्पू) बृहस्पतिवार रात को घर पर सोया हुआ था। करीब पौने बारह बजे उसे गोशाला से कुछ आहट सुनाई दी। वह घर से निकलकर तुरंत गोशाला की ओर बढ़ा, जैसे ही वह गोशाला के पास गया, वहां गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। उसने किसी तरह शोर मचाकर गुलदार से जान बचाई। शोरगुल सुनकर पड़ोसी और ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। रात में ही आनन-फानन में लहूलुहान हालत में राकेश को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके बाएं हाथ की एक अंगुली कट गई है, जबकि एक पैर बुरी तरह जख्मी हो गया।
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लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि वन विभाग की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही है। घायल व्यक्ति को वन विभाग की टीम ने ही अस्पताल पहुंचाया था। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। मेडिकल रिपोर्ट मिलते ही पीड़ित को मुआवजा दिया जाएगा।
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वन सीमा से सटे गांवों में रात को संभलकर करें आवाजाही
कोटद्वार के जंगलों से सटे गांवों में रात को आवाजाही जान को खतरे में डाल सकती है। वन सीमा से सटे लालपानी और सनेह के गांवों के साथ ही पदमपुर सुखरौ के गांव ध्रुवपुर, लालपुर, मानपुर, शिवपुर, पदमपुर तक रात को गुलदार धमक रहा है। कई बार पदमपुर चौराहे के आसपास रात को गुलदार देखा गया है। वन अधिकारियों की मानें तो गुलदार का कुत्ता प्रिय भोजन है, वह उसी की तलाश में आबादी तक धमक रहा है। वन विभाग की गश्त तो चल रही है, लेकिन घात लगाए बैठा गुलदार कहां किस मोड़ पर मिल जाए, कुछ नहीं कहा जा सकता है। कई स्थानों पर सुबह सवेरे तीन से चार बजे के बीच भी गुलदार की धमक देखी गई है।
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