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गढ़वाली के वंशजों के नाम हो लीज की जमीन, प्रदर्शन
Updated Mon, 01 Oct 2018 10:52 PM IST
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कोटद्वार। पेशावर कांड के महानायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की लीज की जमीन उनके वंशजों के नाम करने व परिजनों को दिए गए नोटिस को वापस लेने की मांग को लेकर चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति ने सोमवार को तहसील में सत्याग्रह किया। इस मौके पर पूर्व दर्जाधारी मंत्री व कांग्रेस नेता धीरेंद्र प्रताप ने यूपी सरकार को एक सप्ताह के भीतर लीज प्रकरण का समाधान न होने पर लखनऊ सीएम हाउस के समक्ष सत्याग्रह शुरू करने की चेतावनी दी।
समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे और केंद्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप की अगुवाई में सोमवार को चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों ने कोटद्वार तहसील में लगी वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की मूर्ति के नीचे सत्याग्रह किया। उन्होंने कहा कि 1975 में तत्कालीन यूपी सरकार ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को हल्दूखाता के बिजनौर वन प्रभाग में दस एकड़ जमीन 90 वर्ष की लीज की थी। इस पर गढ़वाली के वंशज रहते आ रहे हैं। अब यूपी सरकार इस परिवार को परेशान कर रही है। उनकी लीज नवीनीकरण के बजाय उन्हें अतिक्रमणकारी घोषित कर अपमानित किया जा रहा है। कहा कि उत्तराखंड सरकार को भी इस मामले में हस्तक्षेप कर यूपी सरकार को नींद से जगाना चाहिए। चेेतावनी दी है कि यदि यूपी सरकार ने गढ़वाली के परिजनों को बेदखल करने का प्रयास किया तो समिति संसद कूच करेगी।
सत्याग्रह आंदोलन में मनमोहन असवाल, बलवंत सिंह रावत, राम सिंह सैनी, निर्मला नैथानी, गोपाल कृष्ण बड़वाल, सरोज जखमोला, सावित्री नेगी, लोकेश पोखरियाल, विजयपाल, मंजू कोटनाला, विजय सिंह, श्याम सुंदर तिवारी व बलवंत सिंह आदि मौजूद थे।
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समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे और केंद्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप की अगुवाई में सोमवार को चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों ने कोटद्वार तहसील में लगी वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की मूर्ति के नीचे सत्याग्रह किया। उन्होंने कहा कि 1975 में तत्कालीन यूपी सरकार ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को हल्दूखाता के बिजनौर वन प्रभाग में दस एकड़ जमीन 90 वर्ष की लीज की थी। इस पर गढ़वाली के वंशज रहते आ रहे हैं। अब यूपी सरकार इस परिवार को परेशान कर रही है। उनकी लीज नवीनीकरण के बजाय उन्हें अतिक्रमणकारी घोषित कर अपमानित किया जा रहा है। कहा कि उत्तराखंड सरकार को भी इस मामले में हस्तक्षेप कर यूपी सरकार को नींद से जगाना चाहिए। चेेतावनी दी है कि यदि यूपी सरकार ने गढ़वाली के परिजनों को बेदखल करने का प्रयास किया तो समिति संसद कूच करेगी।
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सत्याग्रह आंदोलन में मनमोहन असवाल, बलवंत सिंह रावत, राम सिंह सैनी, निर्मला नैथानी, गोपाल कृष्ण बड़वाल, सरोज जखमोला, सावित्री नेगी, लोकेश पोखरियाल, विजयपाल, मंजू कोटनाला, विजय सिंह, श्याम सुंदर तिवारी व बलवंत सिंह आदि मौजूद थे।
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