{"_id":"59f8ae2f4f1c1bd9798b94d5","slug":"71509469743-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू की चपेट में कोटद्वार, सरकारी अस्पताल पहुंचे 15 मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगू की चपेट में कोटद्वार, सरकारी अस्पताल पहुंचे 15 मरीज
Updated Tue, 31 Oct 2017 10:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कोटद्वार। शहर और निकटवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों से डेंगू से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही हैै। पिछले दो दिनों में राजकीय संयुक्त चिकित्सालय कोटद्वार में 15 मामले पहुंचे हैं जिनमें से 12 लोगों के खून की जांच करने के बाद डेंगू की पुष्टि हो गई है। डेंगू के बढ़ने मरीजों से स्वास्थ्य महकमा भी सतर्क हो गया है। ऐसे में अस्पताल में पिछले चार महीने से फिजीशियन की तैनाती नहीं होने का खामियाजा डेंगू के मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
राजकीय संयुक्त चिकित्सालय की टेस्टिंग लैबोट्री के आकड़ो की मानें तो पिछले दो दिनों में 12 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है, तीन लोगों का टेस्ट हो रहा है। लोग सरकारी अस्पताल में ओपीडी में बुखार के चलते डाक्टर के पास आ रहे हैं, डाक्टर उनको खून टेस्ट कराने की सलाह दे रहे हैं, जिसमें लोगों में डेंगू की पुष्टि हो रही है। लोग सरकारी अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं को देखकर अपनी जान बचाने के लिए प्राइवेट में इलाज करा रहे हैं। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका और प्रशासन इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है। लोग पिछले चार महीने से स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में फिजीशियन की तैनाती की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभाग के आला अधिकारी लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। वहीं नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन भी डेंगू जैसे जानलेवा रोग के बचाव करने में लापरवाह बना हुआ है। लोग लगातार फॉगिंग मशीन से कीटनाशक छिड़काव की मांग कर रहे हैं, लेकिन लोगों की किसी प्रकार की सुनवाई नहीं हो रही है। जिसके चलते लोग डेंगू के खौफ में जीने को मजबूर हैं।
उधर, उपजिलाधिकारी राकेश तिवारी ने मामले को गंभीर बताया। कहा कि नगर क्षेत्र में फॉगिंग मशीन से कीटनाशक का छिड़काव करने के लिए नगर पालिका को निर्देशित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जिला पंचायत को लिखा जाएगा।
राजकीय संयुक्त चिकित्सालय की टेस्टिंग लैबोट्री के आकड़ो की मानें तो पिछले दो दिनों में 12 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है, तीन लोगों का टेस्ट हो रहा है। लोग सरकारी अस्पताल में ओपीडी में बुखार के चलते डाक्टर के पास आ रहे हैं, डाक्टर उनको खून टेस्ट कराने की सलाह दे रहे हैं, जिसमें लोगों में डेंगू की पुष्टि हो रही है। लोग सरकारी अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं को देखकर अपनी जान बचाने के लिए प्राइवेट में इलाज करा रहे हैं। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका और प्रशासन इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है। लोग पिछले चार महीने से स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में फिजीशियन की तैनाती की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभाग के आला अधिकारी लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। वहीं नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन भी डेंगू जैसे जानलेवा रोग के बचाव करने में लापरवाह बना हुआ है। लोग लगातार फॉगिंग मशीन से कीटनाशक छिड़काव की मांग कर रहे हैं, लेकिन लोगों की किसी प्रकार की सुनवाई नहीं हो रही है। जिसके चलते लोग डेंगू के खौफ में जीने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
उधर, उपजिलाधिकारी राकेश तिवारी ने मामले को गंभीर बताया। कहा कि नगर क्षेत्र में फॉगिंग मशीन से कीटनाशक का छिड़काव करने के लिए नगर पालिका को निर्देशित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जिला पंचायत को लिखा जाएगा।
विज्ञापन