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आपदा राहत कार्य में किसी प्रकार की कोताही न बरतें अधिकारी: सीएम

Sat, 05 Aug 2017 10:28 PM IST
Updated Sat, 05 Aug 2017 10:28 PM IST
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आपदा राहत कार्य में किसी प्रकार की कोताही न बरतें अधिकारी: सीएम

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कोटद्वार। प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोटद्वार में आई आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया। उन्होंने आपदा प्रभावितों से मुुलाकात की और अधिकारियों से चलाए जा रहे राहत कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से राहत कार्यों में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतने और कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।
शनिवार शाम को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सड़क मार्ग से कोटद्वार पहुंचे। उन्होंने ठेकेदार धर्मशाला में शरणार्थियों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने मलबे से भरी रिफ्यूजी कालोनी का जायजा लिया और डीएम से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने राहत कार्यों के बारे में पूछा। उन्होंने डीएम से राहत कार्यों में किसी भी हाल में कोताही नहीं बरतने और आपदा प्रभावितों को राहत देने के हर संभव प्रयास करने के सख्त निर्देश दिए। इसके बाद सीएम जीआईसी में चल रहे आपदा प्रभावित कैंप में गए। उन्होंने मेडिकल टीम की तैयारियों और प्रभावितों से मुलाकात की। सीएम ने आपदा प्रभावित लोगों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कहा कि जल्दी ही सबकुछ सामान्य कर दिया जाएगा और वे अपने घरों को लौट जाएंगे। उन्होंने लोगों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इसके बाद उन्होंने भाबर क्षेत्र के आपदाग्रस्त शीतलपुुर गांव पहुंचे और प्रभावितों के नुकसान की जानकारी ली।
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खाना-पीना नहीं हमें हमारा घर दिला दो
कोटद्वार। जीआईसी कोटद्वार मेें आपदा राहत कैंप में पहुंचे सीएम को उस समय असहजता का सामान करना पड़ा जब रिफ्यूजी कालोनी के आपदा प्रभावितों ने सीएम के नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। सीएम राहत कैंप में काशीरामपुर के आपदा प्रभावितों से मिल रहे थे। तभी बाहर रिफ्यूजी कालोनी के प्रभावित पहुंच गए। उन्होंने सीएम पर उन्हें नहीं मिलने का आरोप लगाया। कहा कि सीएम यहां अपदा प्रभावितों से मिलने उनकी परेशानी सुनने के लिए आए हैं, लेकिन उन्हें सीएम से नहीं मिलने दिया जा रहा है।
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हल्ला सुनकर सीएम उनके करीब पहुंचे तो प्रभावित महिलाएं बिलख पड़ी उन्होंने ने कहा कि उनका सबकुछ चला गया है, प्रशासन ने उन्हेें कैंप में बैठाकर रख दिया है। कहा कि उन्हें खाना-पीना नहीं चाहिए, उन्हें तो अपना घर चाहिए। लेकन, मलबा हटाने के लिए जिस स्तर पर कार्य होना चाहिए था नहीं हो पा रहा है। उन्होंने शीघ्र राहत देने की मांग की। जिसपर सीएम ने उनकी समस्या का शीघ्र समाधान किए जाने का आश्वासन दिया।
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