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कालागढ़ के वनकर्मी की स्वाइन फ्लू से मौत!
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कालागढ़/कोटद्वार। कालागढ़ में कार्बेट टाइगर रिजर्व के कार्बेट नेशनल पार्क में तैनात एक वन दरोगा की उपचार के दौरान लखनऊ में मौत हो गई। वन विभाग ने परिजनों के हवाले से इसे स्वाइन फ्लू का मामला बताते हुए पौड़ी के स्वास्थ्य विभाग से कालागढ़ में टीम भेजने की मांग की है।
कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी आरके तिवारी ने बताया कि वन दरोगा दयाशंकर चौरसिया का परिवार लखनऊ में रहता है। उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि दयाशंकर की मृत्यु स्वाइन फ्लू से हुई है। वन विभाग ने स्वास्थ्य विभाग से कालागढ़ में मेडिकल टीम भेजने की मांग की है। रेंज अधिकारी आरके भट्ट ने बताया कि पौड़ी के स्वास्थ्य विभाग से स्वाइन फ्लू की बीमारी फैलने से रोकने और उसके कारणों का पता लगाने को कहा गया है। मृतक दयाशंकर चौरसिया के पुत्र मनीष ने लखनऊ से फोन पर मामले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उनके पिता की तबियत खराब होने पर उन्हें धामपुर और मुरादाबाद ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने निमोनिया बताया था। हालत खराब होने पर मुरादाबाद से उन्हें लखनऊ जे जाया गया, जहां चिकित्सकों ने स्वाइन फ्लू की आशंका जताई। सोमवार को उन्हें पीजीआई ले जाया गया, जहां जांच में चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया स्वाइन फ्लू के लक्षण बताए। पूरी जांच रिपोर्ट आने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। वन दरोगा दयाशंकर की मृत्यु पर कालागढ़ में शोक की लहर है। स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से वन कर्मी की मौत से विभागीय कर्मियों में डर बना हुआ है।
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कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी आरके तिवारी ने बताया कि वन दरोगा दयाशंकर चौरसिया का परिवार लखनऊ में रहता है। उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि दयाशंकर की मृत्यु स्वाइन फ्लू से हुई है। वन विभाग ने स्वास्थ्य विभाग से कालागढ़ में मेडिकल टीम भेजने की मांग की है। रेंज अधिकारी आरके भट्ट ने बताया कि पौड़ी के स्वास्थ्य विभाग से स्वाइन फ्लू की बीमारी फैलने से रोकने और उसके कारणों का पता लगाने को कहा गया है। मृतक दयाशंकर चौरसिया के पुत्र मनीष ने लखनऊ से फोन पर मामले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उनके पिता की तबियत खराब होने पर उन्हें धामपुर और मुरादाबाद ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने निमोनिया बताया था। हालत खराब होने पर मुरादाबाद से उन्हें लखनऊ जे जाया गया, जहां चिकित्सकों ने स्वाइन फ्लू की आशंका जताई। सोमवार को उन्हें पीजीआई ले जाया गया, जहां जांच में चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया स्वाइन फ्लू के लक्षण बताए। पूरी जांच रिपोर्ट आने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। वन दरोगा दयाशंकर की मृत्यु पर कालागढ़ में शोक की लहर है। स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से वन कर्मी की मौत से विभागीय कर्मियों में डर बना हुआ है।
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