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मांगा था कोटद्वार जिला, थोप दिया नगर निगम
Updated Tue, 19 Dec 2017 10:38 PM IST
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कोटद्वार। कोटद्वार भाबर की 35 ग्राम पंचायतों के 73 गांवों को मिलाकर नगर निगम बनाने के विरोध में नगर निगम विरोध संघर्ष समिति और यूकेडी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को लगातार नौंवे दिन पटवारी चौकियों में प्रदर्शन किया। कहा कि कोटद्वार भाबर के ग्रामीण अपनी खेती और ग्रामीण परिवेश को बचाने के लिए संघर्ष करेंगे।
प्रदर्शनकारी वक्ताओं ने कहा कि विधानसभा चुनाव में क्षेत्र की जनता ने बड़ी उम्मीद से भाजपा प्रत्याशी को जिताया था। भाजपा ने इसका इनाम उसे गांवों को खत्म करने की साजिश से दिया है। कहा कि नगर निगम को ग्रामीण जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। समय आने पर इसका जवाब दिया जाएगा।
मंगलवार को समिति के सदस्यों ने सुखरौ देवी मंदिर, नंदपुर मोटाढांक के साथ ही कलालघाटी और कुंभीचौड़ पटवारी चौकियों में धरना-प्रदर्शन किया। देवी मंदिर सुखरो में समिति की संगठन मंत्री विजेश्वरी झिंकवाण ने कहा कि ग्रामीणों को अपनी खेती की जमीन और ग्रामीण परिवेश को बचाने के लिए संघर्ष करना होगा। भाजपा सरकार ने कोटद्वार भाबर की जनता को जबरन नगर निगम थोप दिया है, जो ग्रामीणों को कतई स्वीकार्य नहीं होगा। नगर निगम बनाने से पहले जनता को विश्वास में लेना चाहिए था। सरकार ने तो जनता से उसकी जनसुनवाई का अधिकार भी छीन लिया है। देहरादून में ग्राम पंचायतों से आपत्ति मांगकर खानापूर्ति की गई। कोटद्वार के लोगों को भाजपा ने विधानसभा के चुनाव में जिला निर्माण और चिलरखाल-लालढांग मार्ग के निर्माण का भरोसा दिलाया था, जिसमें अब तक काम नहीं हुआ। भाजपा सरकार के तानाशाह रवैये की जनता आगामी चुनाव में जवाब देगी।
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सुखरौ देवी मंदिर में धरना-प्रदर्शन करने वालों में डॉ. एसएस कपरवाण, विजय ध्यानी, प्रवेंद्र सिंह रावत, चंद्रप्रकाश नैथानी, प्रदीप नेगी, गजेंद्र तिवारी आदि शामिल रहे। उधर, नंदपुर और हल्दूखाता चौकियों में धरना-प्रदर्शन करने वालों में दर्शन सिंह नेगी, धर्म सिंह, पितृशरण जोशी, यूकेडी जिलाध्यक्ष जगदीपक सिंह रावत, पीतांबरी देवी, आभा डबराल, मेहरबान सिंह, गीता पोखरियाल, बाणी विलास आदि मौजूद थे।
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प्रदर्शनकारी वक्ताओं ने कहा कि विधानसभा चुनाव में क्षेत्र की जनता ने बड़ी उम्मीद से भाजपा प्रत्याशी को जिताया था। भाजपा ने इसका इनाम उसे गांवों को खत्म करने की साजिश से दिया है। कहा कि नगर निगम को ग्रामीण जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। समय आने पर इसका जवाब दिया जाएगा।
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मंगलवार को समिति के सदस्यों ने सुखरौ देवी मंदिर, नंदपुर मोटाढांक के साथ ही कलालघाटी और कुंभीचौड़ पटवारी चौकियों में धरना-प्रदर्शन किया। देवी मंदिर सुखरो में समिति की संगठन मंत्री विजेश्वरी झिंकवाण ने कहा कि ग्रामीणों को अपनी खेती की जमीन और ग्रामीण परिवेश को बचाने के लिए संघर्ष करना होगा। भाजपा सरकार ने कोटद्वार भाबर की जनता को जबरन नगर निगम थोप दिया है, जो ग्रामीणों को कतई स्वीकार्य नहीं होगा। नगर निगम बनाने से पहले जनता को विश्वास में लेना चाहिए था। सरकार ने तो जनता से उसकी जनसुनवाई का अधिकार भी छीन लिया है। देहरादून में ग्राम पंचायतों से आपत्ति मांगकर खानापूर्ति की गई। कोटद्वार के लोगों को भाजपा ने विधानसभा के चुनाव में जिला निर्माण और चिलरखाल-लालढांग मार्ग के निर्माण का भरोसा दिलाया था, जिसमें अब तक काम नहीं हुआ। भाजपा सरकार के तानाशाह रवैये की जनता आगामी चुनाव में जवाब देगी।
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सुखरौ देवी मंदिर में धरना-प्रदर्शन करने वालों में डॉ. एसएस कपरवाण, विजय ध्यानी, प्रवेंद्र सिंह रावत, चंद्रप्रकाश नैथानी, प्रदीप नेगी, गजेंद्र तिवारी आदि शामिल रहे। उधर, नंदपुर और हल्दूखाता चौकियों में धरना-प्रदर्शन करने वालों में दर्शन सिंह नेगी, धर्म सिंह, पितृशरण जोशी, यूकेडी जिलाध्यक्ष जगदीपक सिंह रावत, पीतांबरी देवी, आभा डबराल, मेहरबान सिंह, गीता पोखरियाल, बाणी विलास आदि मौजूद थे।