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जरूरत 6.5 एमएलडी, पानी मयस्सर 5 एमएलडी
अमर उजाला/पौड़ी।
Updated Sun, 05 Jun 2016 06:39 PM IST
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water problem
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करीब आधा दर्जन प्राकृतिक स्रोतों के धनी पौड़ी शहरवासी पीने के पानी के लिए श्रीनगर स्थित अलकनंदा नदी पर निर्भर हैं। यहां के प्राकृतिक स्रोतों से आसपास के मोहल्लों को पानी की सप्लाई की पेयजल विभाग योजना बनाता तो पौड़ी की करीब 45 हजार की आबादी को आए दिन पानी के लिए दूरदराज स्थित स्रोतों और गदेरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ती। यहां साढ़े छह एमएलडी पानी की जरूरत है जबकि महज पांच एमएलडी ही मिल पा रहा है।
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बता दें कि श्रीनगर स्थित अलकनंदा नदी पर बनी दो पंपिंग योजनाओं से साढ़े तीन और नानघाट पेयजल योजना से डेढ़ एमएलडी पानी प्रतिदिन जल संस्थान ओवरहेड टैंकों में एकत्र कर यहां वितरित करता है। आबादी के हिसाब से जल संस्थान को हर रोज साढे़ छह एमएलडी पानी की आवश्यकता पड़ रही है। इसके सापेक्ष मात्र पांच एमएलडी पानी ही उसे सप्लाई करने के लिए उपलब्ध होता है।
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भरपूर पानी वाले स्रोत
- शहर के लक्ष्मीनारायण मोहल्ला के समीप स्थित स्रोत से दिन-रात पानी बहता रहता है। यहां पर पानी स्टॉक किया जाता और ओवरहेड टैंक के माध्यम से पानी को आसपास के मोहल्लों में वितरित किया जा सकता है।
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- थाने और बीआर मॉडर्न स्कूल के बीच में स्थित बड़ा धारा। ठीक से योजना पर काम हो तो इसका पानी आसपास के कई घरों की प्यास बुझा सकता है।
- पौड़ी गांव स्थित प्राकृतिक स्रोत। यहां पर टैंक बनाया हुआ है। लेकिन इससे आसपास के घरों के लिए लाइन नहीं बिछाई गई है। स्थानीय लोग धारे से पानी भरकर ले जाते हैं।
- इसके अलावा शहर के आसपास के लगभग सभी गांवों में प्राकृतिक स्रोत हैं। घरों के सप्लाई नहीं होने के चलते लोगों को धारों की दौड़ लगानी पड़ती है।
शहर के ऊपरी हिस्से में नहीं स्रोत
जल संस्थान का कहना है कि शहर के ऊपरी हिस्से में स्रोत नहीं होने से दिक्कत हो रही है। इसके लिए पंपिंग की आवश्यकता पड़ेगी। बता दें तीन पेयजल योजनाओं का पानी संस्थान पंपिंग के माध्यम से ही ओवरहेड टैंकों में स्टॉक करता है। इसके बाद फिर से पंपिंग करके पानी को शहर के तमाम जगहों पर वितरित किया जाता है।
वितरण व्यवस्था में है खामी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियोजित ढंग से पेयजल का वितरण नहीं किया जा रहा है। च्वींचा गांव निवासी समाजसेवी राम सिंह रावत, धर्मवीर सिंह रावत का कहना है कि वितरण व्यवस्था सुधारने के लिए कई बार जल संस्थान में शिकायत की जा चुकी है।
नागदेव धारे से होती है सप्लाई
नागदेव मंदिर के आसपास और हनुमान मंदिर के समीप धारे हैं। इन धारों से आसपास के कई घरों में पानी सप्लाई हो रहा है। नागदेव मंदिर के धारे पर छोटा टैंक बनाकर जल संस्थान ने आसपास के घरों में सप्लाई दे रखी है। वहीं हनुमान मंदिर के धारे से स्थानीय लोगों ने खुद ही पाइपों से अपने घरों के लिए पानी की लाइन बिछा रखी है।
पालिका ने बनाए हैं कुछ टैंक
पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम ने बताया कि पालिका की ओर से राई गांव, प्रेमनगर, डिप्टी धारे से आसपास के घरों को पानी सप्लाई करने के लिए लाइनें बिछाई गई हैं। गडोली, चरन गांव, बिचली राई गांव में टैंक बनाकर पेयजल सप्लाई की जा रही है। कुछ जगह स्थानीय लोगों के विरोध के चलते टैंक नहीं बनाए जा सके हैं। लोगों से बातचीत करके इसका हल निकाला जाएगा।
कोट
लक्ष्मीनारायण मोहल्ला स्थित स्रोत से काफी पानी बहता है। इस पानी को टेप करके आसपास के घरों में वितरित करने की योजना पर काम कर रहे हैं। यहां पर टैंक भी बनाया गया था लेकिन कुछ लोगों ने इसे उखाड़ दिया। इसके चलते योजना परवान नहीं चढ़ सकी।
- प्रवीन सैनी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान