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बेस अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर ठप, भगवान भरोसे मरीज.
Updated Sun, 09 Dec 2018 10:27 PM IST
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कोटद्वार। राजकीय बेस अस्पताल में अब अगले दस दिन तक किसी प्रकार के ऑपरेशन नहीं हो सकेंगे। अस्पताल में तैनात एकमात्र निश्चेतक डाक्टर के अवकाश पर चले जाने के कारण अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर ठप हो गया है। ऑपरेशन के मरीजों और दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायलों को रेफर किया जा रहा है।
राजकीय बेस अस्पताल कोटद्वार पौड़ी जिले की करीब 80 फीसदी आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं देता है। यहां दुर्घटना होने पर अधिकतर घायलों को कोटद्वार अस्पताल में लाया जाता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मार्च 2018 में कोटद्वार के संयुक्त चिकित्सालय को 300 बेड का बनाते हुए इसे बेस अस्पताल का दर्जा दे दिया गया था। विभाग द्वारा यहां एमआरआई, सिटी स्कैन, लिथोट्रिप्सी, अल्ट्रासाउंड और डिजिटल एक्सरे की सुविधाएं जुटाते हुए अन्य रोगों के डाक्टरों की भी तैनाती की गई। इसके कारण ऑपरेशन के मरीजों की संख्या बढ़ गई। अस्पताल में वर्षों से एक निश्चेतक की तैनाती की गई है।
रविवार को अस्पताल में तैनात एक मात्र निश्चेतक डा. एसडी आर्य दस दिन के अवकाश पर चले गए हैं। इसके कारण अस्पताल के नेत्र, हड्डी, गायनी, जनरल सर्जरी, मेजर सर्जरी और दुर्घटना में घायल लोगों के आपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। डाक्टरों को मजबूरी में उनको हायर सेंटर रेफर करना पड़ रहा है।
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उधर, अस्पताल के सीएमएस डा. आईएस सामंत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को कई बार अस्पताल में एक अन्य निश्चेतक की डिमांड की जा चुकी है, लेकिन दूसरा निश्चेतक नहीं भेजा जा रहा है। एक मात्र निश्चेतक डा. एसडी आर्य अवकाश पर चले जाने के कारण ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। डाक्टर के 18 दिसंबर को आने के बाद ऑपरेशन होंगे।
-फोटो
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राजकीय बेस अस्पताल कोटद्वार पौड़ी जिले की करीब 80 फीसदी आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं देता है। यहां दुर्घटना होने पर अधिकतर घायलों को कोटद्वार अस्पताल में लाया जाता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मार्च 2018 में कोटद्वार के संयुक्त चिकित्सालय को 300 बेड का बनाते हुए इसे बेस अस्पताल का दर्जा दे दिया गया था। विभाग द्वारा यहां एमआरआई, सिटी स्कैन, लिथोट्रिप्सी, अल्ट्रासाउंड और डिजिटल एक्सरे की सुविधाएं जुटाते हुए अन्य रोगों के डाक्टरों की भी तैनाती की गई। इसके कारण ऑपरेशन के मरीजों की संख्या बढ़ गई। अस्पताल में वर्षों से एक निश्चेतक की तैनाती की गई है।
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रविवार को अस्पताल में तैनात एक मात्र निश्चेतक डा. एसडी आर्य दस दिन के अवकाश पर चले गए हैं। इसके कारण अस्पताल के नेत्र, हड्डी, गायनी, जनरल सर्जरी, मेजर सर्जरी और दुर्घटना में घायल लोगों के आपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। डाक्टरों को मजबूरी में उनको हायर सेंटर रेफर करना पड़ रहा है।
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उधर, अस्पताल के सीएमएस डा. आईएस सामंत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को कई बार अस्पताल में एक अन्य निश्चेतक की डिमांड की जा चुकी है, लेकिन दूसरा निश्चेतक नहीं भेजा जा रहा है। एक मात्र निश्चेतक डा. एसडी आर्य अवकाश पर चले जाने के कारण ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। डाक्टर के 18 दिसंबर को आने के बाद ऑपरेशन होंगे।
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