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कै मा ना बुल्या भैजी.. हास्य नृत्य ने किया दर्शकों को लोटपोट
Updated Sun, 25 Nov 2018 10:47 PM IST
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कोटद्वार। लोक कलाकार महासंघ के स्थापना दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। कलाकारों ने नृत्य के माध्यम से गढ़वाल की लोक संस्कृति के संरक्षण और नाटकों के माध्यम से सामाजिक बुुराइयों को दूर करने का संदेश दिया।
रविवार को बदरीनाथ मार्ग स्थित नगर निगम प्रेक्षागृह में आयोजित स्थापना दिवस का कोटद्वार की नव निर्वाचित मेयर हेमलता नेेगी और पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेेेगी ने शुभारंभ किया। उन्होंने लोक कलाकारों के गढ़वाल की लोक संस्कृति को बढ़ाने के प्रयास की प्रशंसा की।
स्थापना दिवस की सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ लोक कलाकारों द्वारा गढ़ वंदना से की गई। इसके बाद गढ़वाली रहस्यमयी नाटक अच्छरयूं कू ताल.. की प्रस्तुति ने दर्शकों की वाहवाही लूटी। हास्य नृत्य नाटक कै मा ना बुल्यां भैजी...ने दर्शकों को लोटपोट किया। हिंदी हास्य एकांकी नाटक आधुनिक सावित्री और बहू की विदा ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। महिला मंगल दलों ने लोकनृत्य प्रतियोगिता के माध्यम से गढ़वाली लोक संस्कृति की छटा बिखेरी।
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इस अवसर पर महासंघ के अध्यक्ष विजेंद्र चौधरी, राम रतन काला, प्रकाश मोहन गढ़वाली, लता नेेगी, ओमप्रकाश कवटियाल, विरेंद्र रावत, राकेंद्र रौथाण, राकेश शाह, वीरेंद्र भंडारी, राकेश मोहन ध्यानी, सरोज रावत, अंजू पुंडीर, शांति नेगी, अनिल भटनागर, मदन सिंह नेगी व दिनेश बौंठियाल आदि मौजूद थे।
-फोटोे
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रविवार को बदरीनाथ मार्ग स्थित नगर निगम प्रेक्षागृह में आयोजित स्थापना दिवस का कोटद्वार की नव निर्वाचित मेयर हेमलता नेेगी और पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेेेगी ने शुभारंभ किया। उन्होंने लोक कलाकारों के गढ़वाल की लोक संस्कृति को बढ़ाने के प्रयास की प्रशंसा की।
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स्थापना दिवस की सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ लोक कलाकारों द्वारा गढ़ वंदना से की गई। इसके बाद गढ़वाली रहस्यमयी नाटक अच्छरयूं कू ताल.. की प्रस्तुति ने दर्शकों की वाहवाही लूटी। हास्य नृत्य नाटक कै मा ना बुल्यां भैजी...ने दर्शकों को लोटपोट किया। हिंदी हास्य एकांकी नाटक आधुनिक सावित्री और बहू की विदा ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। महिला मंगल दलों ने लोकनृत्य प्रतियोगिता के माध्यम से गढ़वाली लोक संस्कृति की छटा बिखेरी।
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इस अवसर पर महासंघ के अध्यक्ष विजेंद्र चौधरी, राम रतन काला, प्रकाश मोहन गढ़वाली, लता नेेगी, ओमप्रकाश कवटियाल, विरेंद्र रावत, राकेंद्र रौथाण, राकेश शाह, वीरेंद्र भंडारी, राकेश मोहन ध्यानी, सरोज रावत, अंजू पुंडीर, शांति नेगी, अनिल भटनागर, मदन सिंह नेगी व दिनेश बौंठियाल आदि मौजूद थे।
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