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रेलवे में टीटीई की नौकरी दिलाने के नाम पर छात्र से ठगे 48 हजार रुपये
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राजकीय महाविद्यालय कोटद्वार के छात्र के साथ रेलवे में टीटीई (ट्रेवलिंग टिकट एगजामिनर) की नौकरी दिलाने के नाम पर 48 हजार रुपये ठगने का मामला प्रकाश में आया है। युवक ने पुलिस को तहरीर देकर ठगी करने वाले के खिलाफ कार्रवाई कर उसकी ठगी गई रकम को वापस दिलाने की मांग की। पुलिस तहरीर मिलने के बाद जांच में जुट गई है।
बुधवार को कोतवाली पहुंचे लकड़ी पड़ाव निवासी छात्र मो. सलमान ने मामले में तहरीर दी। बताया कि वह राजकीय महाविद्यालय कोटद्वार में एमए अंतिम वर्ष का छात्र है। दो वर्ष से उसके फेसबुक में एक ज्वालापुर हरिद्वार का एक व्यक्ति जुड़ा हुआ है। गत वर्ष जून में वह अपने रिश्तेदार के यहां हरिद्वार गया था, तभी उस व्यक्ति से उसकी मुलाकात हुई थी। तब उस व्यक्ति ने बताया कि वह सेटिंग करके रेलवे में नौकरी दिलाने का कार्य करता है और वह उसे भी रेलवे की नौकरी दिला देगा। उसने कहा कि रेलवे में टीटीई की जॉब है, उसके लिए एक लाख रुपये लगेंगे। उसने आधा पैसा एडवांस और बाकी नौकरी लगने के बाद देने की बात की। छात्र ने बताया कि वह उसके झांसे में आ गया। उसने किसी तरह 45 हजार रुपये और 3800 रुपये यूनिफार्म के रूप में 48800 रुपये एकत्र किए और उसको गूगल-पे कर दिया। पैसे मिलते ही व्यक्ति ने रेलवे में टीटीई पद का नियुक्तिपत्र उसे व्हाट्सएप कर उसे पांच दिन के अंदर दिल्ली के पते पर ज्वाइनिंग देने की बात कही। दो दिन के बाद जब वह नियुक्तिपत्र लेकर दिल्ली पहुंचा तो पता फर्जी निकला। उसने उसी समय हरिद्वार के व्यक्ति को फोन किया, जिसमें उसने बताया कि कंपनी भाग गई है। व्यक्ति ने आजतक उसका पैसा वापस नहीं लौटाया है। कोतवाल विजय सिंह ने बताया कि रेलवे की नौकरी के नाम पर ठगी करने के मामले में तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
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बुधवार को कोतवाली पहुंचे लकड़ी पड़ाव निवासी छात्र मो. सलमान ने मामले में तहरीर दी। बताया कि वह राजकीय महाविद्यालय कोटद्वार में एमए अंतिम वर्ष का छात्र है। दो वर्ष से उसके फेसबुक में एक ज्वालापुर हरिद्वार का एक व्यक्ति जुड़ा हुआ है। गत वर्ष जून में वह अपने रिश्तेदार के यहां हरिद्वार गया था, तभी उस व्यक्ति से उसकी मुलाकात हुई थी। तब उस व्यक्ति ने बताया कि वह सेटिंग करके रेलवे में नौकरी दिलाने का कार्य करता है और वह उसे भी रेलवे की नौकरी दिला देगा। उसने कहा कि रेलवे में टीटीई की जॉब है, उसके लिए एक लाख रुपये लगेंगे। उसने आधा पैसा एडवांस और बाकी नौकरी लगने के बाद देने की बात की। छात्र ने बताया कि वह उसके झांसे में आ गया। उसने किसी तरह 45 हजार रुपये और 3800 रुपये यूनिफार्म के रूप में 48800 रुपये एकत्र किए और उसको गूगल-पे कर दिया। पैसे मिलते ही व्यक्ति ने रेलवे में टीटीई पद का नियुक्तिपत्र उसे व्हाट्सएप कर उसे पांच दिन के अंदर दिल्ली के पते पर ज्वाइनिंग देने की बात कही। दो दिन के बाद जब वह नियुक्तिपत्र लेकर दिल्ली पहुंचा तो पता फर्जी निकला। उसने उसी समय हरिद्वार के व्यक्ति को फोन किया, जिसमें उसने बताया कि कंपनी भाग गई है। व्यक्ति ने आजतक उसका पैसा वापस नहीं लौटाया है। कोतवाल विजय सिंह ने बताया कि रेलवे की नौकरी के नाम पर ठगी करने के मामले में तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
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