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दो करोड़ की पेयजल योजना के लिए मिले मात्र 40 लाख
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कोटद्वार। शासन की बेरुखी का खामियाजा नगर निगम कोटद्वार की हजारों की आबादी को भुगतना पड़ रहा है। कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र के लिए बनी तीन पेयजल योजनाओं के निर्माण के लिए शासन ने स्वीकृत करीब दो करोड़ रुपये के सापेक्ष मात्र 40 लाख रुपये देकर हाथ खड़े कर दिए हैं। विभाग पर ठेकेदारों का लाखों बकाया होने के कारण उन्होंने कार्य ठप कर दिया है। जिसके कारण लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
नगर निगम क्षेत्र की 1,35,000 की आबादी को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लोगों की मांग पर जल निगम ने पाइप लाइन बिछाने, ओवर हेड टैंक का निर्माण करने और पंप हाउस बनाने के लिए करीब दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा था। करीब एक वर्ष पूर्व शासन ने प्रस्ताव को स्वीकार कर योजनाओं को हरी झंडी दे दी। शासन ने 65 लाख रुपये की लागत से बिछाई जाने वाली पाइप लाइन के लिए 20 लाख, 89 लाख रुपये से शिवपुर में बनाया जाने वाला ओवरहेड टैैंक के लिए 10 लाख और 30 लाख रुपये से बनने वाले पंप हाउस के लिए 10 लाख रुपये की टोकन मनी भेजकर कार्य शुरू करने का फरमान जारी कर दिया। विभाग ने भी टोकन मनी मिलते ही टेंडर जारी कर ठेकेदार के माध्यम से कार्य प्रारंभ कर दिए। बजट समाप्त होने के बाद जल निगम द्वारा शासन को आगे का बजट जारी करने का पत्र लिखा गया, लेकिन उन्हें बजट उपलब्ध नहीं कराया गया। बजट आने की आशा में े ठेकेदारों ने करीब 90 प्रतिशत कार्य करा दिया। ठेकेदारों का लाखों का भुगतान नहीं होने के कारण उन्होंने कार्य ठप कर दिया। जिसके कारण इन सभी योजनाओं पर कार्य ठप हो गया है। नगर निगम की जनता पेयजल किल्लत से परेशान है।
उधर, जल निगम की अधिशासी अभियंता सरिता गुुप्ता ने बताया कि योजनाओं पर 90 फीसदी कार्य हो चुका है, लेकिन शासन से बजट नहीं आने पर कार्य रुका हुआ है। बजट आने पर कार्य पूरा किया जाएगा।
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नगर निगम क्षेत्र की 1,35,000 की आबादी को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लोगों की मांग पर जल निगम ने पाइप लाइन बिछाने, ओवर हेड टैंक का निर्माण करने और पंप हाउस बनाने के लिए करीब दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा था। करीब एक वर्ष पूर्व शासन ने प्रस्ताव को स्वीकार कर योजनाओं को हरी झंडी दे दी। शासन ने 65 लाख रुपये की लागत से बिछाई जाने वाली पाइप लाइन के लिए 20 लाख, 89 लाख रुपये से शिवपुर में बनाया जाने वाला ओवरहेड टैैंक के लिए 10 लाख और 30 लाख रुपये से बनने वाले पंप हाउस के लिए 10 लाख रुपये की टोकन मनी भेजकर कार्य शुरू करने का फरमान जारी कर दिया। विभाग ने भी टोकन मनी मिलते ही टेंडर जारी कर ठेकेदार के माध्यम से कार्य प्रारंभ कर दिए। बजट समाप्त होने के बाद जल निगम द्वारा शासन को आगे का बजट जारी करने का पत्र लिखा गया, लेकिन उन्हें बजट उपलब्ध नहीं कराया गया। बजट आने की आशा में े ठेकेदारों ने करीब 90 प्रतिशत कार्य करा दिया। ठेकेदारों का लाखों का भुगतान नहीं होने के कारण उन्होंने कार्य ठप कर दिया। जिसके कारण इन सभी योजनाओं पर कार्य ठप हो गया है। नगर निगम की जनता पेयजल किल्लत से परेशान है।
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उधर, जल निगम की अधिशासी अभियंता सरिता गुुप्ता ने बताया कि योजनाओं पर 90 फीसदी कार्य हो चुका है, लेकिन शासन से बजट नहीं आने पर कार्य रुका हुआ है। बजट आने पर कार्य पूरा किया जाएगा।
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