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एंबुलेंस न देने की सीईओ से की शिकायत, जांच का दिया भरोसा
Updated Thu, 04 Oct 2018 10:44 PM IST
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लैंसडौन। महिला का शव कोटद्वार तक पहुंचाने के लिए कैंट बोर्ड से मांगी गई एंबुलेंस न मिलने पर लोगों और परिजनों ने नाराजगी जताते हुए सीईओ से शिकायत की है। सीईओ ने मामले में जांचकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
नगर की समाज सेवी लता खंडेलवाल ने बताया कि यहां धर्मशाला मेें आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने के लिए दिल्ली शास्त्री नगर से आई उनकी रिश्तेदार संतोष खंडेलवाल (64) की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें कैंट अस्पताल ले जाया गया। तमाम प्रयासों के बाद भी उन्हें नहीं बचाया जा सका। उनके शव को कोटद्वार तक ले जाने के लिए कैंट बोर्ड से निर्धारित शुल्क पर एंबुलेंस मांगी गई थी, जो नहीं उपलब्ध कराई गई। परिजनों को कोटद्वार से एंबुलेंस मंगवानी पड़ी। स्थानीय नागरिक राकेश सिंह, नरेंद्र प्रसाद ने मामले को अमानवीय बताते हुए दोषी कर्मचारी के विरुद्ध जांचकर कार्रवाई की मांग की है। आरोप लगाया कि एंबुलेंस का प्रयोग स्कूली बच्चों के लाने-छोड़ने में किया जा रहा है। नागरिकों ने एंबुलेंस को अस्पताल परिसर में खड़ी करने के बजाय कैंट दफ्तर के पास खड़ी करने पर भी सवाल उठाए। कैंट बोर्ड के सीईओ भूपति रोहित ने मामले की जांच का भरोसा दिलाया। कैंट बोर्ड के उपाध्यक्ष दिनेश रावत ने कहा कि मामले को बोर्ड बैठक में उठाया जाएगा।
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नगर की समाज सेवी लता खंडेलवाल ने बताया कि यहां धर्मशाला मेें आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने के लिए दिल्ली शास्त्री नगर से आई उनकी रिश्तेदार संतोष खंडेलवाल (64) की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें कैंट अस्पताल ले जाया गया। तमाम प्रयासों के बाद भी उन्हें नहीं बचाया जा सका। उनके शव को कोटद्वार तक ले जाने के लिए कैंट बोर्ड से निर्धारित शुल्क पर एंबुलेंस मांगी गई थी, जो नहीं उपलब्ध कराई गई। परिजनों को कोटद्वार से एंबुलेंस मंगवानी पड़ी। स्थानीय नागरिक राकेश सिंह, नरेंद्र प्रसाद ने मामले को अमानवीय बताते हुए दोषी कर्मचारी के विरुद्ध जांचकर कार्रवाई की मांग की है। आरोप लगाया कि एंबुलेंस का प्रयोग स्कूली बच्चों के लाने-छोड़ने में किया जा रहा है। नागरिकों ने एंबुलेंस को अस्पताल परिसर में खड़ी करने के बजाय कैंट दफ्तर के पास खड़ी करने पर भी सवाल उठाए। कैंट बोर्ड के सीईओ भूपति रोहित ने मामले की जांच का भरोसा दिलाया। कैंट बोर्ड के उपाध्यक्ष दिनेश रावत ने कहा कि मामले को बोर्ड बैठक में उठाया जाएगा।
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