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मांगें पूरी न होने पर आशाओं ने रखा सामूहिक उपवास
Updated Fri, 17 Nov 2017 10:38 PM IST
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कोटद्वार। उत्तराखंड स्वास्थ्य आशा कार्यकत्री यूनियन से जुड़ी दुगड्डा विकासखंड की आशा कार्यकत्रियों का कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन शुक्रवार को 32वें दिन भी जारी रहा। मांगें पूरी न होने पर कोटद्वार तहसील में धरने पर बैठी 13 आशा कार्यकत्रियों ने सामूहिक उपवास रखकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आशा कार्यकत्रियां पौड़ी सीएमओ के उस बयान पर भड़क उठीं, जिसमें उन्हें स्वास्थ्य विभाग का कर्मी मानने से इनकार कर दिया गया।
शुक्रवार को कोटद्वार तहसील में यूनियन अध्यक्ष प्रभा चौधरी के नेतृत्व में धरने पर बैठी आशा कार्यकत्रियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। मांगें पूरी न करने पर 13 आशा कार्यकत्रियां सुनीता देवी, आशा रावत, विजयलक्ष्मी ध्यानी, मीरा नेगी, प्रभा चौधरी, विनिता काला, कल्पना बिष्ट, भागीरथी भंडारी, ज्योति रावत, नीलम कुकरेती, विजय लक्ष्मी, प्रमिला गुसाईं, रंजना कोटनाला पूरे दिन उपवास पर बैठी रहीं। इस मौके पर आशाओं ने सीएमओ पौड़ी का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया। कहा कि आशाएं विषम परिस्थितियों में स्वास्थ्य विभाग के लिए काम कर रही हैं, लेकिन सीएमओ पौड़ी उन्हें स्वास्थ्य कर्मी मानने से ही इनकार कर रहे हैं।
-फोटो
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शुक्रवार को कोटद्वार तहसील में यूनियन अध्यक्ष प्रभा चौधरी के नेतृत्व में धरने पर बैठी आशा कार्यकत्रियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। मांगें पूरी न करने पर 13 आशा कार्यकत्रियां सुनीता देवी, आशा रावत, विजयलक्ष्मी ध्यानी, मीरा नेगी, प्रभा चौधरी, विनिता काला, कल्पना बिष्ट, भागीरथी भंडारी, ज्योति रावत, नीलम कुकरेती, विजय लक्ष्मी, प्रमिला गुसाईं, रंजना कोटनाला पूरे दिन उपवास पर बैठी रहीं। इस मौके पर आशाओं ने सीएमओ पौड़ी का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया। कहा कि आशाएं विषम परिस्थितियों में स्वास्थ्य विभाग के लिए काम कर रही हैं, लेकिन सीएमओ पौड़ी उन्हें स्वास्थ्य कर्मी मानने से ही इनकार कर रहे हैं।
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