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लैंसडौन वन प्रभाग में चट्टान से गिरकर हथिनी की मौत
Updated Tue, 17 Oct 2017 10:31 PM IST
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कोटद्वार। लैंसडौन वन प्रभाग के दुगड्डा रेंज में एक हथिनी की चट्टान से गिरकर मौत हो गई है। वन विभाग ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को जंगल में दफना दिया है। शव काफी दिन पुराना बताया जा रहा है, लेकिन हाथी के शव की जानकारी वन विभाग को सोमवार सुबह लगी। हथिनी की उम्र 12 से 13 साल के बीच बताई जा रही है।
मंगलवार सुबह गश्त पर गए दुगड्डा रेंज के कर्मचारियों को टूटगदेरा बीट के कंपार्टमेंट नंबर एक में एक खाई में हाथी का शव मिला। शव से दुर्गंध आ रही थी। घटना की जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों को दी गई। घटनास्थल के मुआयने के बाद वन अधिकारियों ने बताया कि हथिनी की मौत चट्टान से फिसलने के कारण हुई है। वन विभाग ने पशु चिकित्साधिकारियों की टीम से हथिनी के शव का पोस्टमार्टम करवाया और दफना दिया। डीएफओ लैंसडौन मयंक शेखर झा ने बताया कि हथिनी का शव दो दिन पुराना था। गश्त पर गई टीम से इसकी जानकारी मिली है। मंगलवार दिन में ही शव का पोस्टमार्टम करवा दिया गया था। टूट गदेरा बीट में इससे पूर्व कई हादसे हो चुके हैं। पांच फरवरी, 2015 में टूटगदेरव में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक हाथी की मौत हो चुकी है।
मंगलवार सुबह गश्त पर गए दुगड्डा रेंज के कर्मचारियों को टूटगदेरा बीट के कंपार्टमेंट नंबर एक में एक खाई में हाथी का शव मिला। शव से दुर्गंध आ रही थी। घटना की जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों को दी गई। घटनास्थल के मुआयने के बाद वन अधिकारियों ने बताया कि हथिनी की मौत चट्टान से फिसलने के कारण हुई है। वन विभाग ने पशु चिकित्साधिकारियों की टीम से हथिनी के शव का पोस्टमार्टम करवाया और दफना दिया। डीएफओ लैंसडौन मयंक शेखर झा ने बताया कि हथिनी का शव दो दिन पुराना था। गश्त पर गई टीम से इसकी जानकारी मिली है। मंगलवार दिन में ही शव का पोस्टमार्टम करवा दिया गया था। टूट गदेरा बीट में इससे पूर्व कई हादसे हो चुके हैं। पांच फरवरी, 2015 में टूटगदेरव में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक हाथी की मौत हो चुकी है।
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