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चूना महेड़ा गांव में धमके हाथी, धान की फसल की चट
Updated Sat, 23 Sep 2017 10:55 PM IST
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यमकेश्वर। दुगड्डा ब्लाक के ग्राम चूना महेड़ा में हाथियों के आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। आए दिन हाथियों की धमक के चलते ग्रामीणों में भय व्याप्त है। शुक्रवार रात को भी गांव में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाते हुए करीब 25 नाली भूमि पर बोई गई धान की फसल चट कर दी और आधी रौंद डाली। हाथी की धमक से भयभीत ग्रामीणों ने हाथी से सुरक्षा और फसल का मुआवजा देने की मांग की है।
शुक्रवार देर रात लैंसडौन वन प्रभाग के जंगल से निकलकर हाथी गांव में धमक गए। उन्होंने करीब आधा दर्जन ग्रामीणों के खेत पर उगी फसल को चट कर दिया। शनिवार सुबह खेतों का हाल देखकर ग्रामीण दंग रह गए। हाथियों ने आधे खेत चट किए थे तो आधे रौंद दिए थे, जिससे उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा। ग्रामीण गोविंद प्रसाद, महेशानंद भट्ट, रहमत अली, पीतांबर दत्त, कैलाश चंद्र, सरस्वती देवी ने वन विभाग पर हाथी को गांव में आने से रोकने में नाकाम होने का आरोप लगाया। कहा कि वर्ष 2008 से गांव में लगातार हाथी का आतंक बना हुआ है, जिसके कारण आधे लोगों ने खेती करना छोड़ दिया है, तो कुछ ने हाथी के भय से पलायन कर दिया है। वन विभाग हाथियों को बस्ती में आने से रोक नहीं पा रहा है। उधर, रेंज अधिकारी सत्यप्रकाश कंडवाल का कहना है कि नुकसान का जायजा लेने के लिए कर्मचारियों को गांव भेजा जाएगा।
शुक्रवार देर रात लैंसडौन वन प्रभाग के जंगल से निकलकर हाथी गांव में धमक गए। उन्होंने करीब आधा दर्जन ग्रामीणों के खेत पर उगी फसल को चट कर दिया। शनिवार सुबह खेतों का हाल देखकर ग्रामीण दंग रह गए। हाथियों ने आधे खेत चट किए थे तो आधे रौंद दिए थे, जिससे उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा। ग्रामीण गोविंद प्रसाद, महेशानंद भट्ट, रहमत अली, पीतांबर दत्त, कैलाश चंद्र, सरस्वती देवी ने वन विभाग पर हाथी को गांव में आने से रोकने में नाकाम होने का आरोप लगाया। कहा कि वर्ष 2008 से गांव में लगातार हाथी का आतंक बना हुआ है, जिसके कारण आधे लोगों ने खेती करना छोड़ दिया है, तो कुछ ने हाथी के भय से पलायन कर दिया है। वन विभाग हाथियों को बस्ती में आने से रोक नहीं पा रहा है। उधर, रेंज अधिकारी सत्यप्रकाश कंडवाल का कहना है कि नुकसान का जायजा लेने के लिए कर्मचारियों को गांव भेजा जाएगा।
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