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तीन जिलों में 40 हजार मीटर खराब

Sat, 23 Jan 2016 07:18 PM IST
पौड़ी
पौड़ी Updated Sat, 23 Jan 2016 07:18 PM IST
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गढ़वाल मंडल के तीन पर्वतीय जिलों में 39421 उपभोक्ताओं के बिजली के मीटर खराब हैं। शिकायत के बाद भी ऊर्जा निगम खराब मीटरों को बदलने के बजाय  उपभोक्ताओं को अनुमान के आधार पर बिल थमा रहा है।  
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गढ़वाल मंडल के पौड़ी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में बिजली के ढाई लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। इनमें  39421 उपभोक्ता बिजली का मीटर खराब होने से परेशान हैं। इनमें से ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र के हैं। उपभोक्ता मीटर खराब होने की शिकायत ऊर्जा निगम के कार्यालयों में दर्ज भी करा चुके हैं। बावजूद इसके निगम खराब मीटरों को बदल नहीं रहा है।
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सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र नौटियाल कहते हैं कि इन बिलों में उपभोक्ताओं की ओर से कम बिजली खर्च करने पर भी उन्हें ज्यादा का बिल थमाया जाता है। निगम की ओर से थमाए गए बिल का भुगतान करना उपभोक्ताओं की मजबूरी बन जाता है। विद्युत वितरण खंड पौड़ी के अधिशासी अभियंता अनूप कुमार कहते हैं कि किसी भी उपभोक्ता का मीटर खराब होने पर निगम मीटर खराब होने की तिथि से पहले के तीन महीने के बिलों का आकलन करता है। उसके बाद हर महीने अनुमान के आधार पर बिल बनाया जाता है।
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पौड़ी जिले में सबसे ज्यादा मीटर खराब
पौड़ी। ऊर्जा निगम के अनुसार गढ़वाल मंडल में सबसे ज्यादा 17034 मीटर पौड़ी जिले में खराब हैं। रुद्रप्रयाग में 10081 और चमोली जिले में 12306 मीटर खराब है। ऊर्जा निगम के परीक्षण खंड श्रीनगर के अधिशासी अभियंता एनएस खाती बताते हैं कि परीक्षण खंड में मात्र सात जूनियर मीटर टेक्नीशियन हैं। टेक्नीशियन कम होने से खराब मीटरों को शीघ्र बदलना चुनौती रहता है। खराब मीटरों में ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों के है। मार्च महीने तक इनमें से ज्यादातर मीटरों को बदल दिया जाएगा।
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