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छेड़छाड़ और कमेंट्स को इग्नोर न करें महिलाएं, पुलिस को दे सूचना: एसआई राखी
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- फोटो : amarujala
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कोटद्वार। अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत नजीबाबाद रोड स्थित बलूनी पब्लिक स्कूल में पतंजलि योग समिति से जुड़ी महिलाओं की ओर से गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं को बाल अपराध और महिला हिंसा के प्रति जागरूक किया गया। वक्ताओं ने महिलाओं का आह्वान किया कि वे अन्याय और शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद करें। पूरा समाज उनके साथ खड़ा होगा।
पुलिस उपनिरीक्षक राखी धौनी ने कहा कि महिलाएं अपराध को दबाएं नहीं, उसे उजागर कर उसका मुकाबला करें। पुलिस उनकी मदद के लिए सदैव तैयार है, लेकिन इसके लिए महिलाओं को मानसिक रूप से भी तैयार होना होगा। उन्होंने कहा कि बाल अपराध और महिला हिंसा के खिलाफ आवाज बुलंद करने की जरूरत है। राखी धौनी ने कहा कि कुछ घरों में आज भी बेटियों को सिखाया जाता है कि अगर कोई आप से छेड़खानी करे, अभद्र कमेंट करे तो उसे इग्नोर कर आगे बढ़ जाओ। उसका जवाब न दो, वरना वह कुछ और गलत कर सकता है, लेकिन अभिभावकों और महिलाओं को इस सोच को बदलने की जरूरत है। महिलाओं और बेटियों द्वारा मनचलों को गलत कमेंट व छेड़खानी का जवाब न देना मौन स्वीकृति समझ ली जाती है। उन्होंने कहा कि बेटियों में इस बदलाव को लाने के लिए अभिभावकों को पहल करनी होगी। उन्हें अपनी बेटियों में वह आत्मविश्वास व निडरता पैदा करनी होगी ताकि वे मनचलों को जवाब दे सकें। उन्होंने महिलाओं से कहा कि वह अपने बच्चों को स्मार्ट फोन का कम से कम उपयोग करने दें। उनकी प्रत्येक गतिविधियों पर भी नजर रखें।
सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी गोविंद डंडरियाल ने कहा कि अक्सर बेटियां और महिलाएं बदनामी के डर से न तो मनचलों का विरोध करती हैं और न ही ऐसी घटनाओं से किसी से कह पाती हैं। इसका फायदा मनचले और अपराधी उठाते हैं। पुलिस उपनिरीक्षक ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों को जानना होगा। यदि कोई छेड़खानी करता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने महिलाओं को कोटद्वार कोतवाली और पुलिस क्षेत्राधिकारी का नंबर नोट कराया।
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अपराजिता मुहिम की महिलाओं ने की सराहना
कोटद्वार। अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में महिलाओं ने इस मुहिम की सराहना की। उन्होंने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को कानून और महिलाओं के अधिकारों की जानकारी मिल रही है। इससे महिला अपराध पर भी रोक लगेगी। इस मौके पर प्रियंका पंत थपलियाल, मानेश्वरी बिष्ट, सिमरन रावत, गरिमा भाटिया, भावना रावत, लक्ष्मी नेगी, नेहा नेगी, दीपिका नेगी, विजयलक्ष्मी, रेखा रावत, प्रसन्ना कुकरेती, शोभा रावत, आरती शर्मा, अनीता गुसाईं, संतोष नेगी, दर्शनी रावत, सरोजनी देवी, किरन थपलियाल, नीता देवी, कुसुम बिष्ट, निर्मला शाह, विमला नेगी, लीला देवी, सरोजनी देवी व सुमन अग्रवाल समेत 96 प्रतिभागी मौजूद रहे।
जब तक महिलाएं और बेटियां डरती रहेंगी, तब तक मनचलों के हौसले बढ़ते रहेंगे। शहर में ऐसे मनचलों की कमी नहीं है जो युवतियों को देखते ही अश्लील कमेंट्स कसने से बाज नहीं आते। ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि अन्य घटनाओं को रोका जा सके।
- अभिभाषा भारद्वाज, डायरेक्टर, बलूनी क्लासेस।
अभिभावकों को अपनी बेटियों में आत्मविश्वास व निडरता पैदा करनी होगी ताकि वे राह चलते मनचलों को जवाब दे सकें। बेटियों को न केवल खुद जागरूक और सतर्क रहना है, बल्कि दूसरी महिलाओं का भी मददगार बनना होगा।
- अनिता कंडारी, योग शिक्षिका।
3. जब भी कोई मनचला या अपराधी महिलाओं और बेटियों से छेड़खानी करता है तो अपनी सुरक्षा के लिए चिल्लाना शुरू करना चाहिए, इससे मनचलों में खौफ पैदा होगा। साथ ही महिलाओं की मदद के लिए लोग भी आगे आएंगे।
- राखी धौनी, एसआई, कोतवाली कोटद्वार।
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पुलिस उपनिरीक्षक राखी धौनी ने कहा कि महिलाएं अपराध को दबाएं नहीं, उसे उजागर कर उसका मुकाबला करें। पुलिस उनकी मदद के लिए सदैव तैयार है, लेकिन इसके लिए महिलाओं को मानसिक रूप से भी तैयार होना होगा। उन्होंने कहा कि बाल अपराध और महिला हिंसा के खिलाफ आवाज बुलंद करने की जरूरत है। राखी धौनी ने कहा कि कुछ घरों में आज भी बेटियों को सिखाया जाता है कि अगर कोई आप से छेड़खानी करे, अभद्र कमेंट करे तो उसे इग्नोर कर आगे बढ़ जाओ। उसका जवाब न दो, वरना वह कुछ और गलत कर सकता है, लेकिन अभिभावकों और महिलाओं को इस सोच को बदलने की जरूरत है। महिलाओं और बेटियों द्वारा मनचलों को गलत कमेंट व छेड़खानी का जवाब न देना मौन स्वीकृति समझ ली जाती है। उन्होंने कहा कि बेटियों में इस बदलाव को लाने के लिए अभिभावकों को पहल करनी होगी। उन्हें अपनी बेटियों में वह आत्मविश्वास व निडरता पैदा करनी होगी ताकि वे मनचलों को जवाब दे सकें। उन्होंने महिलाओं से कहा कि वह अपने बच्चों को स्मार्ट फोन का कम से कम उपयोग करने दें। उनकी प्रत्येक गतिविधियों पर भी नजर रखें।
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सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी गोविंद डंडरियाल ने कहा कि अक्सर बेटियां और महिलाएं बदनामी के डर से न तो मनचलों का विरोध करती हैं और न ही ऐसी घटनाओं से किसी से कह पाती हैं। इसका फायदा मनचले और अपराधी उठाते हैं। पुलिस उपनिरीक्षक ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों को जानना होगा। यदि कोई छेड़खानी करता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने महिलाओं को कोटद्वार कोतवाली और पुलिस क्षेत्राधिकारी का नंबर नोट कराया।
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अपराजिता मुहिम की महिलाओं ने की सराहना
कोटद्वार। अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में महिलाओं ने इस मुहिम की सराहना की। उन्होंने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को कानून और महिलाओं के अधिकारों की जानकारी मिल रही है। इससे महिला अपराध पर भी रोक लगेगी। इस मौके पर प्रियंका पंत थपलियाल, मानेश्वरी बिष्ट, सिमरन रावत, गरिमा भाटिया, भावना रावत, लक्ष्मी नेगी, नेहा नेगी, दीपिका नेगी, विजयलक्ष्मी, रेखा रावत, प्रसन्ना कुकरेती, शोभा रावत, आरती शर्मा, अनीता गुसाईं, संतोष नेगी, दर्शनी रावत, सरोजनी देवी, किरन थपलियाल, नीता देवी, कुसुम बिष्ट, निर्मला शाह, विमला नेगी, लीला देवी, सरोजनी देवी व सुमन अग्रवाल समेत 96 प्रतिभागी मौजूद रहे।
जब तक महिलाएं और बेटियां डरती रहेंगी, तब तक मनचलों के हौसले बढ़ते रहेंगे। शहर में ऐसे मनचलों की कमी नहीं है जो युवतियों को देखते ही अश्लील कमेंट्स कसने से बाज नहीं आते। ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि अन्य घटनाओं को रोका जा सके।
- अभिभाषा भारद्वाज, डायरेक्टर, बलूनी क्लासेस।
अभिभावकों को अपनी बेटियों में आत्मविश्वास व निडरता पैदा करनी होगी ताकि वे राह चलते मनचलों को जवाब दे सकें। बेटियों को न केवल खुद जागरूक और सतर्क रहना है, बल्कि दूसरी महिलाओं का भी मददगार बनना होगा।
- अनिता कंडारी, योग शिक्षिका।
3. जब भी कोई मनचला या अपराधी महिलाओं और बेटियों से छेड़खानी करता है तो अपनी सुरक्षा के लिए चिल्लाना शुरू करना चाहिए, इससे मनचलों में खौफ पैदा होगा। साथ ही महिलाओं की मदद के लिए लोग भी आगे आएंगे।
- राखी धौनी, एसआई, कोतवाली कोटद्वार।
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