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पांच ब्लाकों की 13 पेयजल योजनाएं ठप, पेयजल संकट
Updated Sun, 19 Aug 2018 10:28 PM IST
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कोटद्वार। पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते पौड़ी जिले के पांच ब्लाकों की 13 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसके चलते हजारों पेयजल उपभोक्ताओं को पानी नहीं मिल रहा है। ग्रामीण गाड़ गदेरों से पानी ढोने को मजबूर हैं।
विगत माह से पौड़ी जिले में हो रही भारी बारिश से यमकेश्वर ब्लाक की दो, द्वारीखाल ब्लाक की चार, नैनीडांडा की तीन, जयहरीखाल की तीन और रिखणीखाल ब्लाक की एक पेयजल योजना के नदियों के उफान में स्रोत बह गए और कई पेयजल लाइन भूस्खलन के चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके कारण हजारों की आबादी पानी के लिए परेशान है।
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह रावत, दिवाकर दत्त, पंकज सिंह नेेगी व महेंद्र सिंह रावत ने जलसंस्थान पर ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पेयजल लाइनें टूटने से गांवों में पिछले 15 दिन से पेयजल आपूर्ति ठप है। लोग पीने के पानी के लिए गाड़ गदेरों से पानी ढो रहे हैं। लोग मिट्टी भरे पानी को छानकर उपयोग करने को मजबूर हैं। इससे बच्चों में पेट संबंधी बीमारी हो रही है।
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ये पेयजल योजनाएं हैं क्षतिग्रस्त
बारिश के चलते यमकेश्वर ब्लाक की रणचुला पंपिंग योजना, बघाला पेयजल योजना, नैनीडांडा ब्लाक की खिरेरी पेयजल योजना, बनिया गांव, डोबरियालसार, रिखणीखाल ब्लाक की रौता-कलिगाड़ योजना, जयहरीखाल ब्लाक की देवलखेत, बांसी, जयहरीखाल पेयजल योजना और द्वारीखाल ब्लाक की दाबड़, जल्ठा, सिमलखाल व तिलफरिया पेयजल योजना के स्रोत बह गए हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
उधर, जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता एलसी रमोला ने बताया कि क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की फिलहाल अस्थायी रूप से मरम्मत की जा रही है। बरसात के बाद योजनाओं को सुचारु करने के लिए स्थायी रूप से मरम्मत की जाएगी।
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विगत माह से पौड़ी जिले में हो रही भारी बारिश से यमकेश्वर ब्लाक की दो, द्वारीखाल ब्लाक की चार, नैनीडांडा की तीन, जयहरीखाल की तीन और रिखणीखाल ब्लाक की एक पेयजल योजना के नदियों के उफान में स्रोत बह गए और कई पेयजल लाइन भूस्खलन के चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके कारण हजारों की आबादी पानी के लिए परेशान है।
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क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह रावत, दिवाकर दत्त, पंकज सिंह नेेगी व महेंद्र सिंह रावत ने जलसंस्थान पर ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पेयजल लाइनें टूटने से गांवों में पिछले 15 दिन से पेयजल आपूर्ति ठप है। लोग पीने के पानी के लिए गाड़ गदेरों से पानी ढो रहे हैं। लोग मिट्टी भरे पानी को छानकर उपयोग करने को मजबूर हैं। इससे बच्चों में पेट संबंधी बीमारी हो रही है।
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ये पेयजल योजनाएं हैं क्षतिग्रस्त
बारिश के चलते यमकेश्वर ब्लाक की रणचुला पंपिंग योजना, बघाला पेयजल योजना, नैनीडांडा ब्लाक की खिरेरी पेयजल योजना, बनिया गांव, डोबरियालसार, रिखणीखाल ब्लाक की रौता-कलिगाड़ योजना, जयहरीखाल ब्लाक की देवलखेत, बांसी, जयहरीखाल पेयजल योजना और द्वारीखाल ब्लाक की दाबड़, जल्ठा, सिमलखाल व तिलफरिया पेयजल योजना के स्रोत बह गए हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
उधर, जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता एलसी रमोला ने बताया कि क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की फिलहाल अस्थायी रूप से मरम्मत की जा रही है। बरसात के बाद योजनाओं को सुचारु करने के लिए स्थायी रूप से मरम्मत की जाएगी।