{"_id":"5984ab8b4f1c1b4c028b465a","slug":"31501866891-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिलाधिकारी ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा, राहत सामग्री देने के दिए निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिलाधिकारी ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा, राहत सामग्री देने के दिए निर्देश
Updated Fri, 04 Aug 2017 10:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किशनपुर (कोटद्वार)। भाबर में बृहस्पतिवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से ग्रामीणों की कई दर्जन बीघा फसल नष्ट हो गई है। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर तुरंत राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश अधीनस्थों को दिए हैं।
बृहस्पतिवार देर शाम करीब सात बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारीश से तेलीसोत गदेरा उफनाने लगा था। देर रात करीब डेढ़ बजे सुरक्षा दीवारों को तोड़ता हुआ तेलीसोत गदेरा रामदयालपुर, तेलीबाड़ा, मगनपुर, शीतलपुर, झंड़ीचौड़ उत्तरी, झंड़ीचौड़ पश्चिमी, लोकमणिपुर, प्रेमनगर आदि गांवों में घुस गया। पूरा इलाका बाढ़ के पानी और मलबे में तब्दील हो गया। ग्रामीण कुंवर सिंह, कमलेश, विमल प्रसाद, मोहन लाल बडोला, श्रीधर बडोला, मदन सिंह मेहरा, झंडीचौड़ उत्तरी निवासी बालकिशन, प्रकाश भट्ट, संध्या देवी, चंद्रमोहन आदि ग्रामीणों की कई बीघा फसल को बाढ़ लील गई। शीतलपुर में पूजा देवी, किशोरी लाल, मंजू देवी, रश्मि देवी, इंद्र सिंह, हरपाल सिंह, धीरज लाल, लोकमणिपुर निवासी शीशपाल, झंडीचौड़ उत्तरी निवासी अनीता देवी, रेखा देवी, सत्यवीर, राजवीर, शीला देवी आदि कई ग्रामीणों के घरों में पानी और मलबा घुसने से बाउंड्री वाल, झोपड़ियां, गोशालाएं, शौचालय, राशन, कपड़े, बिस्तर, फर्नीचर आदि पूरी तरह नष्ट हो गए। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए।
पुल की सुरक्षा दीवार, सड़क और सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त
किशनपुर। भाबर के कण्वाश्रम में जहां मूसलाधार बारिश होने से कण्वाश्रम से मवाकोट को जोड़ने वाले पुल की सुरक्षा दीवार, सड़क और सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त हो गई। कण्वाश्रम में बादल फटने से जीएमवीएन गेस्ट हाउस में भारी नुकसान हुआ है। बादल फटने से पहाड़ी से आया मलबा जीएमवीएन गेस्ट हाउस की कैंटीन और उससे लगे कमरों में घुस गया। कण्वाश्रम से गेस्ट हाउस को आने वाला मोटर मार्ग पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बृहस्पतिवार देर शाम करीब सात बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारीश से तेलीसोत गदेरा उफनाने लगा था। देर रात करीब डेढ़ बजे सुरक्षा दीवारों को तोड़ता हुआ तेलीसोत गदेरा रामदयालपुर, तेलीबाड़ा, मगनपुर, शीतलपुर, झंड़ीचौड़ उत्तरी, झंड़ीचौड़ पश्चिमी, लोकमणिपुर, प्रेमनगर आदि गांवों में घुस गया। पूरा इलाका बाढ़ के पानी और मलबे में तब्दील हो गया। ग्रामीण कुंवर सिंह, कमलेश, विमल प्रसाद, मोहन लाल बडोला, श्रीधर बडोला, मदन सिंह मेहरा, झंडीचौड़ उत्तरी निवासी बालकिशन, प्रकाश भट्ट, संध्या देवी, चंद्रमोहन आदि ग्रामीणों की कई बीघा फसल को बाढ़ लील गई। शीतलपुर में पूजा देवी, किशोरी लाल, मंजू देवी, रश्मि देवी, इंद्र सिंह, हरपाल सिंह, धीरज लाल, लोकमणिपुर निवासी शीशपाल, झंडीचौड़ उत्तरी निवासी अनीता देवी, रेखा देवी, सत्यवीर, राजवीर, शीला देवी आदि कई ग्रामीणों के घरों में पानी और मलबा घुसने से बाउंड्री वाल, झोपड़ियां, गोशालाएं, शौचालय, राशन, कपड़े, बिस्तर, फर्नीचर आदि पूरी तरह नष्ट हो गए। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
पुल की सुरक्षा दीवार, सड़क और सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त
किशनपुर। भाबर के कण्वाश्रम में जहां मूसलाधार बारिश होने से कण्वाश्रम से मवाकोट को जोड़ने वाले पुल की सुरक्षा दीवार, सड़क और सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त हो गई। कण्वाश्रम में बादल फटने से जीएमवीएन गेस्ट हाउस में भारी नुकसान हुआ है। बादल फटने से पहाड़ी से आया मलबा जीएमवीएन गेस्ट हाउस की कैंटीन और उससे लगे कमरों में घुस गया। कण्वाश्रम से गेस्ट हाउस को आने वाला मोटर मार्ग पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया।
विज्ञापन