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चैक बाउंस के मामले में एक साल के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई
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कोटद्वार। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/ सिविल जज (वरिष्ठ खंड) कोटद्वार की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी को दोषी पाते हुए एक वर्ष के कठोर कारावास और 554000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
परिवादी के अधिवक्ता प्रकाश नेगी और आशुतोष कंडवाल ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक की कोटद्वार शाखा से अनुज कुमार पुत्र प्रवीन सिंह निवासी चंद्रलोक कालोनी गली नंबर 2 जिला बिजनौर हाल निवासी भरत बिहार कालोनी, मंडौर रोड बिजनौर ने कार का ऋण लिया था। ऋण लेते वक्त उसने परिवादी बैंक को किश्तों में ऋण अदायगी करने का वायदा किया था। उन्होंने कहा कि ऋण अनुबंध के अनुसार आरोपी ने ऋण की अदायगी नहीं की, जिससे 28 अप्रैल 2016 तक आरोपी पर 5,48,931 रुपये बकाया हो गए। अनुज कुमार ने उक्त तिथि को परिवादी बैंक को स्टेट बैंक बिजनौर का चेक दिया। परिवादी बैंक की ओर से चेक अपने बैंक खाते में भुगतान के लिए प्रस्तुत किया गया, जो बाउंस हो गया। परिवादी बैंक की ओर से कई नोटिस देने के बाद भी आरोपी ने जब भुगतान नहीं किया तो बैंक की ओर से उसके खिलाफ 16 जून 2016 को थाना कोटद्वार में चेक बाउंस का मुकदमा दर्ज कराया गया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी अनुज कुमार को दोषी पाते हुए एक साल के कठोर कारावास और 554000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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परिवादी के अधिवक्ता प्रकाश नेगी और आशुतोष कंडवाल ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक की कोटद्वार शाखा से अनुज कुमार पुत्र प्रवीन सिंह निवासी चंद्रलोक कालोनी गली नंबर 2 जिला बिजनौर हाल निवासी भरत बिहार कालोनी, मंडौर रोड बिजनौर ने कार का ऋण लिया था। ऋण लेते वक्त उसने परिवादी बैंक को किश्तों में ऋण अदायगी करने का वायदा किया था। उन्होंने कहा कि ऋण अनुबंध के अनुसार आरोपी ने ऋण की अदायगी नहीं की, जिससे 28 अप्रैल 2016 तक आरोपी पर 5,48,931 रुपये बकाया हो गए। अनुज कुमार ने उक्त तिथि को परिवादी बैंक को स्टेट बैंक बिजनौर का चेक दिया। परिवादी बैंक की ओर से चेक अपने बैंक खाते में भुगतान के लिए प्रस्तुत किया गया, जो बाउंस हो गया। परिवादी बैंक की ओर से कई नोटिस देने के बाद भी आरोपी ने जब भुगतान नहीं किया तो बैंक की ओर से उसके खिलाफ 16 जून 2016 को थाना कोटद्वार में चेक बाउंस का मुकदमा दर्ज कराया गया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी अनुज कुमार को दोषी पाते हुए एक साल के कठोर कारावास और 554000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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