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मानकों के विपरीत खनन के विरोध में ग्रामीणों ने काटा हंगामा
Updated Sat, 26 May 2018 10:32 PM IST
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किशनपुर (कोटद्वार)। भाबर के गंदेरियाखाल स्थित तेलीस्रोत में आवंटित पट्टे को लेकर खननकारियों के खिलाफ ग्रामीणों ने शनिवार को भी हंगामा काटा। उन्होंने प्रशासन की उदासीनता पर आक्रोश जताते हुए नारेबाजी की और मजदूरों को खदेड़ा। सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों में समझौता कराया।
पूर्व प्रधान जगदीश मेहरा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी प्रधान पूनम मेहरा, वीरेंद्र पाल, उप प्रधान पूजा देवी, आनंदमणि कुकरेती, चंपा देवी, सुनीता देवी, रेखा रानी, हेमलता पाठक, संतोषी देवी, पुष्पा फुलारा व सुशीला देवी ने बताया कि रविवार को ग्रामीणों ने मानकों के विपरीत खनन पर विरोध प्रदर्शन किया था। इस पर तहसीलदार छवाण सिंह ने ग्रामीणों को स्रोत में मानकों के विपरीत खनन पर रोक लगाने और तीन दिन में गहरे गड्ढों को जेसीबी से भरान शुरू करवाने का आश्वासन दिया था। पांच दिन बाद भी प्रशासन द्वारा कार्रवाई न होने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार सुबह मौके पर जाकर खनन में लगे मजदूरों और ट्रक चालकों को वहां से खदेड़ दिया और हंगामा काटने लगे। ग्रामीणों ने पट्टे धारक पर प्रशासन की मिलीभगत से मानकों के विपरीत खनन करने का आरोप लगाया। हंगामे की सूचना पाते ही उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह नेगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से वार्ता की। उन्होंने ग्रामीणों की सहमति से पट्टे धारक को जेसीबी की मदद से समतलीकरण करने और खनन मानव शक्ति से ही जारी रखने को कहा। ग्रामीणों ने बताया कि वे पट्टेधारक की मनमानी और मानकों के विपरीत खनन बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेंगे।
-फोटो
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पूर्व प्रधान जगदीश मेहरा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी प्रधान पूनम मेहरा, वीरेंद्र पाल, उप प्रधान पूजा देवी, आनंदमणि कुकरेती, चंपा देवी, सुनीता देवी, रेखा रानी, हेमलता पाठक, संतोषी देवी, पुष्पा फुलारा व सुशीला देवी ने बताया कि रविवार को ग्रामीणों ने मानकों के विपरीत खनन पर विरोध प्रदर्शन किया था। इस पर तहसीलदार छवाण सिंह ने ग्रामीणों को स्रोत में मानकों के विपरीत खनन पर रोक लगाने और तीन दिन में गहरे गड्ढों को जेसीबी से भरान शुरू करवाने का आश्वासन दिया था। पांच दिन बाद भी प्रशासन द्वारा कार्रवाई न होने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार सुबह मौके पर जाकर खनन में लगे मजदूरों और ट्रक चालकों को वहां से खदेड़ दिया और हंगामा काटने लगे। ग्रामीणों ने पट्टे धारक पर प्रशासन की मिलीभगत से मानकों के विपरीत खनन करने का आरोप लगाया। हंगामे की सूचना पाते ही उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह नेगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से वार्ता की। उन्होंने ग्रामीणों की सहमति से पट्टे धारक को जेसीबी की मदद से समतलीकरण करने और खनन मानव शक्ति से ही जारी रखने को कहा। ग्रामीणों ने बताया कि वे पट्टेधारक की मनमानी और मानकों के विपरीत खनन बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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