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सीएम की भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस को पलीता लगा रहे अफसर
Updated Mon, 25 Dec 2017 10:33 PM IST
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सतपुली। पौड़ी जिले के कल्जीखाल विकासखंड की ग्राम पंचायत भट्टकोटी में पिछले प्रधान के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार का मामला सीएम की जीरो टॉलरेंस नीति को पलीता लगाता नजर आ रहा है। मुख्य कृषि अधिकारी (सीएओ) की जांच में इस मामले की पुष्टि होने एवं शासन के कार्रवाई के निर्देशों के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए शिकायतकर्ता अफसरों के दफ्तरों के चक्कर काटकर थक चुका है।
मुख्य कृषि अधिकारी पौड़ी द्वारा अप्रैल 2016 में जिला विकास अधिकारी को भेजी जांच रिपोर्ट में मजदूरों के नाम फर्जी तरीके से दर्शाकर भुगतान लेने समेत कई विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की पुष्टि की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। शिकायतकर्ता सुरेंद्र प्रसाद भट्ट का कहना है कि इस मामले में अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय उन्हें एक ऑफिस से दूसरे ऑफिस के चक्कर कटवा रहे हैं।
जिला स्तर पर इस मामले में कोई कार्रवाई न होता देख शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के दरबार में गुहार लगाई थी। इसके बाद 25 जुलाई 2017 को उत्तराखंड शासन के पंचायतीराज अनुभाग के संयुक्त सचिव वीरेंद्र पाल सिंह ने डीएम पौड़ी को आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। उक्त आदेश को भी पांच माह गुजर गए, बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतकर्ता ने अधिकारियों पर मिलीभगत कर मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर मुख्यमंत्री के यहां शिकायत दर्ज कराई है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
यह मामला जिलाधिकारी के यहां विचाराधीन है। संबंधितों को नोटिस के लिए कार्यवाही गतिमान है। जिलाधिकारी द्वारा फाइल पर साइन होते ही संबंधितों को नोटिस दिए जाएंगे। भ्रष्टाचार करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।
-मो. मुस्तफा खान, डीपीआरओ पौड़ी
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मुख्य कृषि अधिकारी पौड़ी द्वारा अप्रैल 2016 में जिला विकास अधिकारी को भेजी जांच रिपोर्ट में मजदूरों के नाम फर्जी तरीके से दर्शाकर भुगतान लेने समेत कई विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की पुष्टि की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। शिकायतकर्ता सुरेंद्र प्रसाद भट्ट का कहना है कि इस मामले में अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय उन्हें एक ऑफिस से दूसरे ऑफिस के चक्कर कटवा रहे हैं।
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जिला स्तर पर इस मामले में कोई कार्रवाई न होता देख शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के दरबार में गुहार लगाई थी। इसके बाद 25 जुलाई 2017 को उत्तराखंड शासन के पंचायतीराज अनुभाग के संयुक्त सचिव वीरेंद्र पाल सिंह ने डीएम पौड़ी को आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। उक्त आदेश को भी पांच माह गुजर गए, बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतकर्ता ने अधिकारियों पर मिलीभगत कर मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर मुख्यमंत्री के यहां शिकायत दर्ज कराई है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
यह मामला जिलाधिकारी के यहां विचाराधीन है। संबंधितों को नोटिस के लिए कार्यवाही गतिमान है। जिलाधिकारी द्वारा फाइल पर साइन होते ही संबंधितों को नोटिस दिए जाएंगे। भ्रष्टाचार करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।
-मो. मुस्तफा खान, डीपीआरओ पौड़ी