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नौकरी पर बहाली की मांग को लेकर दिव्यांग ने शुरू किया अनशन
Updated Wed, 04 Oct 2017 09:59 PM IST
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कोटद्वार। उपनल के माध्यम से लगी नौकरी से निकाले जाने से परेशान दिव्यांग ठाकुर सिंह ने तहसील में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। दिव्यांग ठाकुर सिंह ने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी है कि 15 दिन के भीतर उसकी मांग पर कार्रवाई नहीं की गई तो वह आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाएगा।
दिव्यांग ठाकुर सिंह पुत्र प्यारे लाल निवासी मंदाकनी नगर कोटद्वार ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे गए तीन सूत्री मांगपत्र में नौकरी की बहाली, तीन माह का वेतन दिलाने और उपनल द्वारा 23 मई 2016 से 19 दिसंबर 2017 तक की प्रोत्साहन राशि दिलाने की मांग की है। कहा कि वर्ष 2015 सिंतबर में उसे उपनल के माध्यम से सैनिक विश्राम गृह कोटद्वार में तैनात किया गया था। तब सैनिक कल्याण अधिकारी द्वारा उसे पद स्वीकृत कराकर उसे नियुक्त किए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन तीन महीने कार्य कराने के बाद उसे सैनिक विश्राम गृह के स्वागती पद से हटा दिया गया। इस अवधि का उसे कोई वेतन भी नहीं दिया गया है। अनशनकारी ने मांग की है कि उसे किसी भी विभाग में किसी भी पद पर नौकरी दी जाए। इस दौरान अनशनकारी दिव्यांग ठाकुर सिंह नेगी के साथ ही उनकी पत्नी संगीता देवी के साथ भारत सिंह नेगी, अरूण कोठियाल, प्यारेलाल, मीरा कोटियाल, सुमित धस्माना आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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दिव्यांग ठाकुर सिंह पुत्र प्यारे लाल निवासी मंदाकनी नगर कोटद्वार ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे गए तीन सूत्री मांगपत्र में नौकरी की बहाली, तीन माह का वेतन दिलाने और उपनल द्वारा 23 मई 2016 से 19 दिसंबर 2017 तक की प्रोत्साहन राशि दिलाने की मांग की है। कहा कि वर्ष 2015 सिंतबर में उसे उपनल के माध्यम से सैनिक विश्राम गृह कोटद्वार में तैनात किया गया था। तब सैनिक कल्याण अधिकारी द्वारा उसे पद स्वीकृत कराकर उसे नियुक्त किए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन तीन महीने कार्य कराने के बाद उसे सैनिक विश्राम गृह के स्वागती पद से हटा दिया गया। इस अवधि का उसे कोई वेतन भी नहीं दिया गया है। अनशनकारी ने मांग की है कि उसे किसी भी विभाग में किसी भी पद पर नौकरी दी जाए। इस दौरान अनशनकारी दिव्यांग ठाकुर सिंह नेगी के साथ ही उनकी पत्नी संगीता देवी के साथ भारत सिंह नेगी, अरूण कोठियाल, प्यारेलाल, मीरा कोटियाल, सुमित धस्माना आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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