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नगर निगम के विरोध में भाबर के जनप्रतिनिधियों- ग्रामीणों ने भरी हुंकार
Updated Thu, 21 Sep 2017 10:59 PM IST
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किशनपुर (कोटद्वार)। नगर निगम के विरोध में अब भाबर के ग्रामीण और जनप्रतिनिधि लामबंद होने शुरू हो गए है। उन्होंने बैठक कर नगर निगम के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए संघर्ष समिति का गठन किया। संघर्ष समिति ने भाबर वासियों पर जबरन नगर निगम थोपे जाने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी।
यहां एक वैडिंग प्वाइंट में कांति प्रसाद आर्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर नगर निगम बनाए जाने का पुरजोर विरोध किया। वक्ताओं ने सरकार पर भाबर के ग्रामीणों पर जबरन नगर निगम थोपे जाने का आरोप लगाया। कहा कि ग्रामीण क्षेत्र को नगर निगम में मिलाने से ग्रामीणों को हर दृष्टिकोण से नुकसान ही उठाना पड़ेगा। उन्हें सुविधाएं तो मिलेंगी नहीं, बल्कि अतिरिक्त करों का बोझ उठाना पड़ेगा। ऐलान किया गया कि भाबर को किसी भी हाल में नगर निगम में शामिल नहीं होने दिया जाएगा।
बैठक में सर्वसम्मति से गांव बचाओ, भाबर बचाओ संघर्ष समिति का गठन किया गया, जिसमें सुधींद्र नेगी को संरक्षक, जितेंद्र डोबरियाल अध्यक्ष, जगदीश मेहरा, सुखपाल शाह को उपाध्यक्ष, जगतराम डबराल सचिव, विकास कुकरेती सह सचिव और परवीन बड़थ्वाल को कोषाध्यक्ष चुना गया। वक्ताओं ने ग्राम प्रधान शैलेंद्र डबराल, विजय प्रकाश ध्यानी, वीरेंद्र पाल, कीरत सिंह नेगी, पूर्व बीडीसी मेंबर विजय पाल मेहरा, जगदीश मेहरा, जितेंद्र डोबरियाल, सुधींद्र नेगी, दिनेश सती आदि शामिल थे।
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यहां एक वैडिंग प्वाइंट में कांति प्रसाद आर्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर नगर निगम बनाए जाने का पुरजोर विरोध किया। वक्ताओं ने सरकार पर भाबर के ग्रामीणों पर जबरन नगर निगम थोपे जाने का आरोप लगाया। कहा कि ग्रामीण क्षेत्र को नगर निगम में मिलाने से ग्रामीणों को हर दृष्टिकोण से नुकसान ही उठाना पड़ेगा। उन्हें सुविधाएं तो मिलेंगी नहीं, बल्कि अतिरिक्त करों का बोझ उठाना पड़ेगा। ऐलान किया गया कि भाबर को किसी भी हाल में नगर निगम में शामिल नहीं होने दिया जाएगा।
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बैठक में सर्वसम्मति से गांव बचाओ, भाबर बचाओ संघर्ष समिति का गठन किया गया, जिसमें सुधींद्र नेगी को संरक्षक, जितेंद्र डोबरियाल अध्यक्ष, जगदीश मेहरा, सुखपाल शाह को उपाध्यक्ष, जगतराम डबराल सचिव, विकास कुकरेती सह सचिव और परवीन बड़थ्वाल को कोषाध्यक्ष चुना गया। वक्ताओं ने ग्राम प्रधान शैलेंद्र डबराल, विजय प्रकाश ध्यानी, वीरेंद्र पाल, कीरत सिंह नेगी, पूर्व बीडीसी मेंबर विजय पाल मेहरा, जगदीश मेहरा, जितेंद्र डोबरियाल, सुधींद्र नेगी, दिनेश सती आदि शामिल थे।
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