{"_id":"5ca3890cbdec2214607935bb","slug":"201554221324-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुरपका रोग से कई आवारा पशुओं की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुरपका रोग से कई आवारा पशुओं की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुगड्डा। रिखणीखाल ब्लाक के अंतर्गत ढ़ौंटियाल क्षेत्र में छोड़े गए आवारा पशु क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं। यहां बड़ी संख्या में आवारा पशु खुरपका रोग से मर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा पशुओं के लिए व्यवस्था करने और मरे हुए जानवरों को दफनाने की मांग उठाई है।
रिखणीखाल ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम तिमलसेरा (टौंडियाल) निवासी बलवंत सिंह, सुमन देवी, कलावती देवी, विमला देवी, राजमती देवी, गुड्डी देवी, सावित्री देवी, मान सिंह, बीरेंद्र सिंह ने कहा कि आसपास के क्षेत्रों से पालतू पशुओं को रात को गाड़ियों में भरकर ढौंटियाल बाजार और समीपवर्ती गांवों में छोड़ रहे हैं। क्षेत्र के विभिन्न मार्गों पर करीब 20 से 25 आवारा पशु मरे हुए हैं। मरे हुए जानवरों से उठने वाली दुर्गंध से लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। पशुधन प्रसार अधिकारी बृजमोहन सिंह गुर्साइं ने कहा कि बीमार पशुओं का उपचार करने के साथ ही क्षेत्र में टीकाकरण भी किया जा रहा है। राजस्व उपनिरीक्षक ढ़ौटियाल अशोक जोशी ने कहा कि गोवंश के संरक्षण के लिए स्थानीय लोगों को आगे आना चाहिए।
विज्ञापन
रिखणीखाल ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम तिमलसेरा (टौंडियाल) निवासी बलवंत सिंह, सुमन देवी, कलावती देवी, विमला देवी, राजमती देवी, गुड्डी देवी, सावित्री देवी, मान सिंह, बीरेंद्र सिंह ने कहा कि आसपास के क्षेत्रों से पालतू पशुओं को रात को गाड़ियों में भरकर ढौंटियाल बाजार और समीपवर्ती गांवों में छोड़ रहे हैं। क्षेत्र के विभिन्न मार्गों पर करीब 20 से 25 आवारा पशु मरे हुए हैं। मरे हुए जानवरों से उठने वाली दुर्गंध से लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। पशुधन प्रसार अधिकारी बृजमोहन सिंह गुर्साइं ने कहा कि बीमार पशुओं का उपचार करने के साथ ही क्षेत्र में टीकाकरण भी किया जा रहा है। राजस्व उपनिरीक्षक ढ़ौटियाल अशोक जोशी ने कहा कि गोवंश के संरक्षण के लिए स्थानीय लोगों को आगे आना चाहिए।
विज्ञापन