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मां की डाट से क्षुब्द होकर दिल्ली से कोटद्वार पहुंचा बच्चा
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किशनपुर/कोटद्वार। मां की डाट से क्षुब्ध होकर दिल्ली का एक 14 वर्षीय बच्चा ट्रेन में बैठकर कोटद्वार पहुंच गया। चिलरखाल के जंगलों में एक बच्चे की सूचना मिलते ही हरकत में आई कलालघाटी पुलिस ने उसे बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
एसआई संदीप शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम क्षेत्रवासियों ने कलालघाटी पुलिस चौकी में एक 14 वर्षीय बच्चे के अकेले एक बैग के साथ चिलरखाल बैरियर से अंदर जंगल की ओर पैदल जाने की सूचना दी थी। इस पर पहुंची पुलिस टीम ने चिलरखाल बैरियर के आसपास के जंगलों में बच्चे की खोजबीन शुरू कर दी। काफी खोजबीन के बाद वह बच्चा जंगल के अंदर बैठा मिला। बच्चे ने अपना प्रेम (14 वर्ष) बताया। उसने कहा कि वह दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र का रहने वाला है और कक्षा सात में पढ़ता है। उसके पिता बृजेश कुमार दिल्ली में ऑटो चलाते हैं। प्रेम ने बताया कि उसे उसकी मां बहुत डांटती है, जिस कारण वह घर से दो हजार रुपये लेकर दिल्ली से ट्रेन में बैठा। पुलिस ने प्रेम से उसके पापा बृजेश कुमार का नंबर लेकर संपर्क किया। बृजेश कुमार और उनके साथी बृहस्पतिवार देर रात ही कलालघाटी पुलिस चौकी पहुंच गए थे। बेटे को सकुशल पाकर परिजनों की आंखें नम हो गईं। उन्होंने पुलिस का आभार जताया।
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एसआई संदीप शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम क्षेत्रवासियों ने कलालघाटी पुलिस चौकी में एक 14 वर्षीय बच्चे के अकेले एक बैग के साथ चिलरखाल बैरियर से अंदर जंगल की ओर पैदल जाने की सूचना दी थी। इस पर पहुंची पुलिस टीम ने चिलरखाल बैरियर के आसपास के जंगलों में बच्चे की खोजबीन शुरू कर दी। काफी खोजबीन के बाद वह बच्चा जंगल के अंदर बैठा मिला। बच्चे ने अपना प्रेम (14 वर्ष) बताया। उसने कहा कि वह दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र का रहने वाला है और कक्षा सात में पढ़ता है। उसके पिता बृजेश कुमार दिल्ली में ऑटो चलाते हैं। प्रेम ने बताया कि उसे उसकी मां बहुत डांटती है, जिस कारण वह घर से दो हजार रुपये लेकर दिल्ली से ट्रेन में बैठा। पुलिस ने प्रेम से उसके पापा बृजेश कुमार का नंबर लेकर संपर्क किया। बृजेश कुमार और उनके साथी बृहस्पतिवार देर रात ही कलालघाटी पुलिस चौकी पहुंच गए थे। बेटे को सकुशल पाकर परिजनों की आंखें नम हो गईं। उन्होंने पुलिस का आभार जताया।
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