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स्कूल भवन बनवाकर शिक्षक ने विभाग को दिखाया आइना
Updated Sat, 10 Nov 2018 09:57 PM IST
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कोटद्वार। शिक्षा विभाग की लापरवाही से कई छात्र जर्जर स्कूल भवन में पढ़ने को मजबूर हैं। जर्जर भवन के डर से लोग बच्चों को अब प्राइवेट स्कूलों में दाखिला दे रहे हैं। ऐसे में एकेश्वर ब्लाक के शिक्षक राकेश पोखिरियाल ने शिक्षा विभाग को आइना दिखाने का कार्य किया है। राकेश ने स्वयं के प्रयासों से 53 लाख रुपये जुटाकर भूधंसाव वाले क्षेत्र से तीन सौ मीटर दूर राजकीय हाईस्कूल रिंगवाड़ी का नया भवन बनवाया।
वर्ष 2010 में आई आपदा में एकेश्वर ब्लाक का राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रिंगवाड़ी भूधंसाव की भेंट चढ़ गया था। शिक्षा विभाग ने बजट का अभाव का हवाला देते हुए विद्यालय का नया भवन बनाने के बजाय छात्रों को दूसरे स्कूल में समायोजित करने का फरमान सुना दिया। ग्रामीणों की भावनाओं को देखते हुए शिक्षक राकेश पोखरियाल ने गांव में विद्यालय का अस्तित्व बचाने के लिए प्रयास तेज कर दिए। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से विद्यालय के लिए भूधंसाव वाली भूमि से 300 मीटर दूर नई भूमि दान में मांगी और क्षेत्रीय विधायक तीरथ सिंह रावत से लेकर सचिवालय तक के चक्कर लगाते हुए जिला योजना और विधायक निधि के माध्यम से करीब 53 लाख रुपये की लागत से विद्यालय भवन का निर्माण कराया। वर्तमान में विद्यालय में गांव के 60 बच्चे शिक्षा ले रहे हैं। प्रधानाचार्य देवेंद्र बिष्ट ने बताया कि शिक्षक राकेश के प्रयासों से बने इस नवनिर्मित विद्यालय भवन में आज छात्र-छात्राऐं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके अलावा शिक्षक राकेश नवाचारी शिक्षा, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य पाठ्य कार्यकलापों में बच्चों को प्रवीण बना कर विद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं।
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वर्ष 2010 में आई आपदा में एकेश्वर ब्लाक का राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रिंगवाड़ी भूधंसाव की भेंट चढ़ गया था। शिक्षा विभाग ने बजट का अभाव का हवाला देते हुए विद्यालय का नया भवन बनाने के बजाय छात्रों को दूसरे स्कूल में समायोजित करने का फरमान सुना दिया। ग्रामीणों की भावनाओं को देखते हुए शिक्षक राकेश पोखरियाल ने गांव में विद्यालय का अस्तित्व बचाने के लिए प्रयास तेज कर दिए। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से विद्यालय के लिए भूधंसाव वाली भूमि से 300 मीटर दूर नई भूमि दान में मांगी और क्षेत्रीय विधायक तीरथ सिंह रावत से लेकर सचिवालय तक के चक्कर लगाते हुए जिला योजना और विधायक निधि के माध्यम से करीब 53 लाख रुपये की लागत से विद्यालय भवन का निर्माण कराया। वर्तमान में विद्यालय में गांव के 60 बच्चे शिक्षा ले रहे हैं। प्रधानाचार्य देवेंद्र बिष्ट ने बताया कि शिक्षक राकेश के प्रयासों से बने इस नवनिर्मित विद्यालय भवन में आज छात्र-छात्राऐं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके अलावा शिक्षक राकेश नवाचारी शिक्षा, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य पाठ्य कार्यकलापों में बच्चों को प्रवीण बना कर विद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं।
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