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जंगली जानवरों से निजात दिलाने को सड़कों पर उतरे ग्रामीण
Updated Tue, 18 Sep 2018 10:08 PM IST
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धुमाकोट। जंगली जानवरों के उत्पात से परेशान नैनीडांडा ब्लाक के ग्रामीणों का गुस्सा तहसील पर फूटा। सरकार के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन कर ग्रामीणों ने समस्या से निजात नहीं दिलाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
मंगलवार को किसान संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों तहसील पहुंचे। उन्होंने जंगली जानवरों से खेती को बचाने के लिए प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, वन मंत्री और डीएफओ को इस संबंध में ज्ञापन भी भेजा। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण जंगली जानवरों के उत्पात से परेशान है, लेकिन प्रदेश सरकार उनकी समस्या को अनदेखा कर रही है। कहा कि जंगली जानवरों द्वारा भारी नुकसान करने से ग्रामीण परेशान हैं और खेती बाड़ी छोड़ने को मजबूर। कहा कि अगर जंगली जानवरों के उत्पात से निजात नहीं दिलाई गई तो क्षेत्र के लोग गांव छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे। इस अवसर पर किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष चमन सिंह, चमन सिंह, जंगबहादुर नेगी, पद्मादत्त देवलाल, सुरेंद्र भदोला, प्रभात ध्यानी, पीसी जोशी के अलावा ग्राम प्रधान चोरगढ़, पीपली, पटोटिया, बड़ेथ, अदोड़ा, कसाना, क्वीन, चिनवाड़ी आदि गांवों के महिला मंगल दल व ग्रामीण तथा सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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मंगलवार को किसान संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों तहसील पहुंचे। उन्होंने जंगली जानवरों से खेती को बचाने के लिए प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, वन मंत्री और डीएफओ को इस संबंध में ज्ञापन भी भेजा। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण जंगली जानवरों के उत्पात से परेशान है, लेकिन प्रदेश सरकार उनकी समस्या को अनदेखा कर रही है। कहा कि जंगली जानवरों द्वारा भारी नुकसान करने से ग्रामीण परेशान हैं और खेती बाड़ी छोड़ने को मजबूर। कहा कि अगर जंगली जानवरों के उत्पात से निजात नहीं दिलाई गई तो क्षेत्र के लोग गांव छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे। इस अवसर पर किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष चमन सिंह, चमन सिंह, जंगबहादुर नेगी, पद्मादत्त देवलाल, सुरेंद्र भदोला, प्रभात ध्यानी, पीसी जोशी के अलावा ग्राम प्रधान चोरगढ़, पीपली, पटोटिया, बड़ेथ, अदोड़ा, कसाना, क्वीन, चिनवाड़ी आदि गांवों के महिला मंगल दल व ग्रामीण तथा सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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