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छेड़छाड़ की घटनाओं को सहन करने की बजाय करें सशक्त विरोध
Updated Wed, 23 May 2018 10:40 PM IST
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कोटद्वार। आर्य समाज की ओर से आयोजित सात दिवसीय कन्या आत्मरक्षा एवं चरित्र निर्माण प्रशिक्षण शिविर के चौथे दिन आर्य कन्या स्कूल की छात्राओं को योग, प्राणायाम व आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए।
बुधवार को आर्य कन्या इंटर कालेज में आयोजित सात दिवसीय शिविर के चौथे दिन मुख्य शिक्षिका अभिलाषा सत्यम ने बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। उन्होंने कहा कि बेटियों को स्वयं सशक्त होना चाहिए ताकि कोई भी उनके साथ अप्रिय घटना को अंजाम देने की हिम्मत न कर पाए। कहा कि लड़कियों को अपने चारों ओर की घटनाओं के प्रति सचेत रहना चाहिए। छेड़छाड़ की घटनाओं को चुपचाप सहन करने की बजाय उनका सशक्त विरोध करके आत्मरक्षा करनी चाहिए। सहायक शिक्षिका नेहा ने कहा कि बेटियों पर दोहरी जिम्मेदारी होती है जो दो घरों को रोशन करती है। बेटियां संस्कारवान व चरित्रवान बनकर ससुराल और समाज में एक मिशाल प्रस्तुत करती हैं। कार्यक्रम का संचालन आशुतोष वर्मा ने किया।
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बुधवार को आर्य कन्या इंटर कालेज में आयोजित सात दिवसीय शिविर के चौथे दिन मुख्य शिक्षिका अभिलाषा सत्यम ने बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। उन्होंने कहा कि बेटियों को स्वयं सशक्त होना चाहिए ताकि कोई भी उनके साथ अप्रिय घटना को अंजाम देने की हिम्मत न कर पाए। कहा कि लड़कियों को अपने चारों ओर की घटनाओं के प्रति सचेत रहना चाहिए। छेड़छाड़ की घटनाओं को चुपचाप सहन करने की बजाय उनका सशक्त विरोध करके आत्मरक्षा करनी चाहिए। सहायक शिक्षिका नेहा ने कहा कि बेटियों पर दोहरी जिम्मेदारी होती है जो दो घरों को रोशन करती है। बेटियां संस्कारवान व चरित्रवान बनकर ससुराल और समाज में एक मिशाल प्रस्तुत करती हैं। कार्यक्रम का संचालन आशुतोष वर्मा ने किया।
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