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पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण के शासनादेश को समाप्त करने का विरोध
Updated Tue, 19 Sep 2017 10:19 PM IST
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कोटद्वार। उत्तराखंड ग्राम्य विकास मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन ने राज्य के सरकारी सेवकों की पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण के शासनादेश को समाप्त करने का विरोध किया है। एसोसिएशन ने सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है।
एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री उमेश कंडवाल ने कहा कि करीब दस साल पहले पूर्ववर्ती सरकार इस शासनादेश को लाई थी। तब सरकार की ओर से प्रत्येक विभाग की कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए सरकारी सेवक पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा में शिथिलता प्रदान की गई थी। वर्तमान में प्रदेश सरकार की ओर से पदोन्नति में दिए जाने वाली शिथिलता को समाप्त कर दिया गया है। इससे एक वर्ष के अंतर्गत सेवानिवृत्त होने वाले अनेक अधिकारी और कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। प्रदेश महामंत्री कंडवाल ने बताया कि इस मामले में उत्तराखंड ग्राम्य विकास मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन ने सख्त एतराज जताते हुए राज्य के अन्य संगठनों से वार्ता शुरू कर दी है। जल्द सभी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर इस पर रणनीति तैयार की जाएगी।
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एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री उमेश कंडवाल ने कहा कि करीब दस साल पहले पूर्ववर्ती सरकार इस शासनादेश को लाई थी। तब सरकार की ओर से प्रत्येक विभाग की कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए सरकारी सेवक पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा में शिथिलता प्रदान की गई थी। वर्तमान में प्रदेश सरकार की ओर से पदोन्नति में दिए जाने वाली शिथिलता को समाप्त कर दिया गया है। इससे एक वर्ष के अंतर्गत सेवानिवृत्त होने वाले अनेक अधिकारी और कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। प्रदेश महामंत्री कंडवाल ने बताया कि इस मामले में उत्तराखंड ग्राम्य विकास मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन ने सख्त एतराज जताते हुए राज्य के अन्य संगठनों से वार्ता शुरू कर दी है। जल्द सभी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर इस पर रणनीति तैयार की जाएगी।
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