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रोडवेज के कोटद्वार डिपो से 20 बसें चलीं
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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में रोडवेज की कमाई लगातार घट रही है। कई रूटों पर सवारियों नहीं मिलने के कारण बसों का संचालन नहीं हो रहा है। 55 बसों में महज 20 बसों का संचालन किया गया। पर्वतीय रूटों के बाद अब मैदानी रूटों पर भी इसका असर पड़ने लगा है। सबसे ज्यादा असर दिल्ली रूट पर पड़ने लगा है। स्थिति यह है कि सोमवार को दिल्ली रूट पर केवल सात बसों का संचालन हो पाया। सवारियां नहीं मिल पाने से रोडवेज को प्रतिदिन लाखों का घाटा उठाना पड़ रहा है।
उत्तराखंड परिवहन निगम के कोटद्वार डिपो से सामान्य दिनों में प्रतिदिन 38 निगम और 17 अनुबंधित बसों का संचालन होता था, लेकिन कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने उत्तराखंड परिवहन निगम की कमर तोड़कर रख दी है। 26 अप्रैल से कर्फ्यू के चलते पहले ही कमाई आधी हो गई थी, लेकिन सोमवार को कर्फ्यू 6 मई तक बढ़ाए जाने की घोषणा के बाद हालात और बदतर हो गए हैं। दोपहर 12 बजे के बाद सवारियां नहीं मिलने से कई बसों का संचालन रोक दिया गया है। कोटद्वार से पोखड़ा और जमेली रूट पर सवारियां नहीं मिलने से पिछले पांच दिनों से बस का संचालन बंद पड़ा है। सोमवार को कोटद्वार से पौड़ी रूट पर दो, धुमाकोट, किल्बौखाल, बीरोंखाल, लैंसडौन, रिखणीखाल रूटों पर एक-एक बस सर्विस का संचालन हुआ। फरीदाबाद, गुडगांव, जयपुर, अमृतसर के लिए संचालित बसों का भी यही हाल है। इन रूटों पर भी सवारियों का टोटा है। हरिद्वार, देहरादून रूट पर केवल तीन बसें ही संचालित हो रही हैं। एजीएम कोटद्वार डिपो टीकाराम आदित्य का कहना है कि कोरोना संक्रमणकाल में कई रूटों पर सवारियां नहीं मिल पा रही हैं। सोमवार को 55 बसों में महज 20 बसों का संचालन किया गया। सवारियां नहीं मिलने से रोडवेज की कमाई प्रभावित हो रही है।
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उत्तराखंड परिवहन निगम के कोटद्वार डिपो से सामान्य दिनों में प्रतिदिन 38 निगम और 17 अनुबंधित बसों का संचालन होता था, लेकिन कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने उत्तराखंड परिवहन निगम की कमर तोड़कर रख दी है। 26 अप्रैल से कर्फ्यू के चलते पहले ही कमाई आधी हो गई थी, लेकिन सोमवार को कर्फ्यू 6 मई तक बढ़ाए जाने की घोषणा के बाद हालात और बदतर हो गए हैं। दोपहर 12 बजे के बाद सवारियां नहीं मिलने से कई बसों का संचालन रोक दिया गया है। कोटद्वार से पोखड़ा और जमेली रूट पर सवारियां नहीं मिलने से पिछले पांच दिनों से बस का संचालन बंद पड़ा है। सोमवार को कोटद्वार से पौड़ी रूट पर दो, धुमाकोट, किल्बौखाल, बीरोंखाल, लैंसडौन, रिखणीखाल रूटों पर एक-एक बस सर्विस का संचालन हुआ। फरीदाबाद, गुडगांव, जयपुर, अमृतसर के लिए संचालित बसों का भी यही हाल है। इन रूटों पर भी सवारियों का टोटा है। हरिद्वार, देहरादून रूट पर केवल तीन बसें ही संचालित हो रही हैं। एजीएम कोटद्वार डिपो टीकाराम आदित्य का कहना है कि कोरोना संक्रमणकाल में कई रूटों पर सवारियां नहीं मिल पा रही हैं। सोमवार को 55 बसों में महज 20 बसों का संचालन किया गया। सवारियां नहीं मिलने से रोडवेज की कमाई प्रभावित हो रही है।
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