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वृद्व को निवाला बनाने वाला गुलदार पिंजरे में कैद
Updated Sat, 26 May 2018 10:28 PM IST
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सतपुली। चौबट्टाखाल तहसील के सुंदरई गांव में शुक्रवार को वृद्ध पर गुलदार ने हमला कर दिया था। इसमें उनकी मौत हो गई थी। उस मादा गुलदार को वन विभाग की टीम ने पिंजरे में कैद कर लिया है।
दमदेवल के रेंजर शिशुपाल सिंह रावत ने बताया कि उनकी टीम ने शुक्रवार रात आठ बजे घटनास्थल पर पिंजरा लगाया था। रात्रि 11 बजे गुलदार उस पिंजरे में जा फंसा। रेंजर रावत ने बताया कि लगभग नौ वर्ष की यह मादा गुलदार वही है, जिसने वृद्ध पर हमला किया था। इस प्रकार की घटनाओं के बाद प्राय: बाघ या गुलदार दोबारा अधखाए शव की तलाश में वापस घटनास्थल पर आते हैं। यह मादा गुलदार भी दोबारा शव को खाने के लिए वापस आई और वन विभाग के पिंजरे में जा फंसी। हालांकि गुलदार को पकड़े जाने के बावजूद अभी भी ग्रामीणों का खौफ कम नहीं हुआ है। इधर, विभाग द्वारा पकड़ी गई मादा गुलदार को जिला मुख्यालय पौड़ी भेजा जा रहा है। गुलदार पकड़ने वाली टीम में रेंजर दमदेवल के अलावा वन दारोगा हेमंत सिंह और भगत सिंह शामिल थे।
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दमदेवल के रेंजर शिशुपाल सिंह रावत ने बताया कि उनकी टीम ने शुक्रवार रात आठ बजे घटनास्थल पर पिंजरा लगाया था। रात्रि 11 बजे गुलदार उस पिंजरे में जा फंसा। रेंजर रावत ने बताया कि लगभग नौ वर्ष की यह मादा गुलदार वही है, जिसने वृद्ध पर हमला किया था। इस प्रकार की घटनाओं के बाद प्राय: बाघ या गुलदार दोबारा अधखाए शव की तलाश में वापस घटनास्थल पर आते हैं। यह मादा गुलदार भी दोबारा शव को खाने के लिए वापस आई और वन विभाग के पिंजरे में जा फंसी। हालांकि गुलदार को पकड़े जाने के बावजूद अभी भी ग्रामीणों का खौफ कम नहीं हुआ है। इधर, विभाग द्वारा पकड़ी गई मादा गुलदार को जिला मुख्यालय पौड़ी भेजा जा रहा है। गुलदार पकड़ने वाली टीम में रेंजर दमदेवल के अलावा वन दारोगा हेमंत सिंह और भगत सिंह शामिल थे।
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