{"_id":"5a6cb3ca4f1c1b7b268b6a20","slug":"191517073354-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच साल से बंद पड़ी नैनीडांडा पंपिंग योजना को लगेंगे पंख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच साल से बंद पड़ी नैनीडांडा पंपिंग योजना को लगेंगे पंख
Updated Sat, 27 Jan 2018 10:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। नैनीडांडा ब्लाक की 60 ग्राम पंचायतों के लिए बनी नैनीडांडा पंपिंग योजना पर त्रिवेंद्र सरकार ने पंख लगा दिए हैं। बजट के अभाव में पांच वर्षों से ठप पड़ी योजना को शुरू करने के लिए पहली किश्त के रूप में साढ़े तीन करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है।
नैनीडांडा ब्लाक में भीषण पेयजल किल्लत से ग्रामीणों को निजात दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने वर्ष 2012 में नैनीडांडा पंपिंग योजना की शुरुआत की थी। सरकार ने पेयजल निगम की निर्माण शाखा की ओर से दिए गए स्टीमेट के आधार पर योजना के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल आपूर्ति कार्यक्रम के तहत 1837.56 लाख रुपये स्वीकृत किए थे। सरकार ने योजना के शुरू करने के दो वर्ष बाद कार्यदायी संस्था को मात्र 708.28 लाख रुपये का बजट देकर हाथ खड़े कर दिए। पेयजल निगम ने आगे भी बजट मिलने की उम्मीद में योजना पर 1172.56 लाख रुपये खर्च कर योजना का 65 प्रतिशत कार्य पूरा कर दिया, लेकिन आगे सरकार द्वारा विभाग को बजट नहीं मिलने और ठेकेदारों पर करीब चार करोड़ का बकाया होने के कारण ठेकेदारों ने आगे कार्य जारी रखने में असमर्थता जता दी। इससे पेयजल निगम ने भी योजना पर काम बंद कर दिया था।
लैंसडौन विधायक दिलीप रावत ने कहा कि नैनीडांडा पंपिंग योजना को शुरू करने की मांग को लेकर उन्होंने विधानसभा के समक्ष धरना भी दिया था। त्रिवेंद्र सरकार के आते ही उन्होंने सरकार के समक्ष क्षेत्र में पेयजल किल्लत को देखते हुए नैनीडांडा पंपिंग योजना को जीवित करने का मामला प्रमुखता के साथ रखा। कहा कि योजना के सफल संचालन से हजारों की आबादी की पेयजल किल्लत की समस्या दूर हो जाएगी।
विज्ञापन
नैनीडांडा पंपिंग योजना के लिए सरकार की ओर से साढ़े तीन करोड़ रुपये प्राप्त हो गए हैं। योजना का काम आगे बढ़ाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शीघ्र योजना पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- बाबू राम, अधिशासी अभियंता, पेयजल निगम कोटद्वार
विज्ञापन
नैनीडांडा ब्लाक में भीषण पेयजल किल्लत से ग्रामीणों को निजात दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने वर्ष 2012 में नैनीडांडा पंपिंग योजना की शुरुआत की थी। सरकार ने पेयजल निगम की निर्माण शाखा की ओर से दिए गए स्टीमेट के आधार पर योजना के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल आपूर्ति कार्यक्रम के तहत 1837.56 लाख रुपये स्वीकृत किए थे। सरकार ने योजना के शुरू करने के दो वर्ष बाद कार्यदायी संस्था को मात्र 708.28 लाख रुपये का बजट देकर हाथ खड़े कर दिए। पेयजल निगम ने आगे भी बजट मिलने की उम्मीद में योजना पर 1172.56 लाख रुपये खर्च कर योजना का 65 प्रतिशत कार्य पूरा कर दिया, लेकिन आगे सरकार द्वारा विभाग को बजट नहीं मिलने और ठेकेदारों पर करीब चार करोड़ का बकाया होने के कारण ठेकेदारों ने आगे कार्य जारी रखने में असमर्थता जता दी। इससे पेयजल निगम ने भी योजना पर काम बंद कर दिया था।
विज्ञापन
लैंसडौन विधायक दिलीप रावत ने कहा कि नैनीडांडा पंपिंग योजना को शुरू करने की मांग को लेकर उन्होंने विधानसभा के समक्ष धरना भी दिया था। त्रिवेंद्र सरकार के आते ही उन्होंने सरकार के समक्ष क्षेत्र में पेयजल किल्लत को देखते हुए नैनीडांडा पंपिंग योजना को जीवित करने का मामला प्रमुखता के साथ रखा। कहा कि योजना के सफल संचालन से हजारों की आबादी की पेयजल किल्लत की समस्या दूर हो जाएगी।
विज्ञापन
नैनीडांडा पंपिंग योजना के लिए सरकार की ओर से साढ़े तीन करोड़ रुपये प्राप्त हो गए हैं। योजना का काम आगे बढ़ाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शीघ्र योजना पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- बाबू राम, अधिशासी अभियंता, पेयजल निगम कोटद्वार