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ई-फार्मेसी के विरोध में मेडिकल स्टोर रहे बंद, दवा विक्रेताओं ने किया प्रदर्शन-GARHWAL
Updated Fri, 28 Sep 2018 10:20 PM IST
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गढ़वाल। दवाइयों की ऑनलाइन बिक्री (ई-फार्मेसी) के विरोध में ऑल इंडिया केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन द्वारा शुक्रवार को आहूत बंद का गढ़वाल में व्यापक असर रहा। सुबह से दवा की दुकानें बंद होने से लोगों को भटकना पड़ा। दवा विक्रेताओं ने सरकार के फैसले के विरोध में प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन भेजे।
श्रीनगर। यहां दवा व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। मरीजों को दवाइयों के लिए भटकना पड़ा। सरकारी अस्पताल में दवा न मिलने पर उनको शनिवार को दवा लेने की सलाह दी गई। केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन और ड्रिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के बंद को व्यापार संघ ने समर्थन दिया। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखते हुए गोला बाजार में प्रदर्शन किया और तहसील में एसडीएम के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा। इस दौरान केमिस्ट एसोसिएशन के बृजेश भट्ट, नरेश नौटियाल, अनूप कठैत, त्रिलोक थपलियाल व नरेंद्र जैन, डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन के शाखा अध्यक्ष राकेश आहूजा व महामंत्री जयवीर राणा और व्यापार सभा अध्यक्ष वासुदेव कंडारी व महामंत्री जगदीप रावत आदि मौजूद थे।
कर्णप्रयाग। यहां भी दवा की दुकानें बंद रही। लोग दवा के लिए भटकते रहे। दवा विक्रेताओं ने मांग के संबंध में एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन देने वालों में प्रेम प्रकाश पुरोहित, दीपेंद्र नेगी, किशोरी प्रसाद डिमरी, नरेश सती, बीरेंद्र बर्तवाल, देवी प्रसाद मैखुरी, देवेंद्र खंडूड़ी, राजेंद्र प्रसाद पुरोहित आदि शामिल थे। दूसरी ओर नारायणबगड़, थराली, देवाल, गैरसैंण और गौचर में भी दवा की दुकानें बंद रहीं।
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नई टिहरी। नई टिहरी व बौराड़ी सहित जिलेभर के कई स्थानों में दवा विक्रेताओं ने अपने मेडिकल स्टोर बंद रखे। दवा विक्रेता गुरु प्रसाद कुकरेती, चंद्रमोहन अरोड़ा, राजपाल राणा, कमल राणा, विजय खरोला, अब्दुल अतिक, पवन अग्रवाल व मुकेश रतूड़ी आदि ने सरकार से दवाइयों की ऑनलाइन बिक्री संबंधी निर्णय को वापस लेने की मांग की है।
रुद्रप्रयाग। जिले में भी दवा विक्रेताओं की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। जिला मुख्यालय समेत तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ, गुप्तकाशी, ऊखीमठ व जखोली आदि क्षेत्रों में दवाइयों की दुकानें बंद रही। लोगों को समय पर जरूरी दवा उपलब्ध नहीं हो पाई। दवा विक्रेता एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष दिपांशु भट्ट व सचिव घनश्याम कंडारी का कहना है कि कहा कि इंटरनेट फार्मेसी को मान्यता देने वाले कानून का विरोध किया जाएगा।
छोटे दवा विक्रेताओं के हितों पर होगा कुठाराघात
कोटद्वार। केमिस्ट एसोसिएशन से जुड़े नगर के सभी दवा विक्रेता मालवीय उद्यान के निकट एकत्र हुए। यहां से वे नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में तहसील पहुंचे। यहां एसडीएम के माध्यम से उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। तहसील में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा देश में दवाओं का खुदरा मार्जन 16 से 20 फीसदी और थोक मार्जन आठ से 10 फीसदी तक निर्धारित किया गया है, जबकि ऑनलाइन पोर्टल में 50 से 70 फीसदी तक मार्जन के ऑफर दिए जा रहे हैं। इस व्यवस्था से छोटे दवा विक्रेताओं के हितों पर कुठाराघात होगा। प्रदर्शनकारियों में एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक अग्रवाल, कोषाध्यक्ष अतुल गर्ग, महामंत्री दीपक बिष्ट, दिनेश रस्तोगी, कवींद्र सिलोड़ी, नवल गौड़, विनोद अग्रवाल, घनानंद कुलाश्री, प्रदीप कुमार, प्रवीन अग्रवाल, रवि अग्रवाल, विक्रम सिंह गुसाईं, मनोज जुयाल, अनिल गैरोला व हर्ष रस्तोगी आदि शामिल रहे। ब्यूरो
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श्रीनगर। यहां दवा व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। मरीजों को दवाइयों के लिए भटकना पड़ा। सरकारी अस्पताल में दवा न मिलने पर उनको शनिवार को दवा लेने की सलाह दी गई। केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन और ड्रिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के बंद को व्यापार संघ ने समर्थन दिया। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखते हुए गोला बाजार में प्रदर्शन किया और तहसील में एसडीएम के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा। इस दौरान केमिस्ट एसोसिएशन के बृजेश भट्ट, नरेश नौटियाल, अनूप कठैत, त्रिलोक थपलियाल व नरेंद्र जैन, डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन के शाखा अध्यक्ष राकेश आहूजा व महामंत्री जयवीर राणा और व्यापार सभा अध्यक्ष वासुदेव कंडारी व महामंत्री जगदीप रावत आदि मौजूद थे।
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कर्णप्रयाग। यहां भी दवा की दुकानें बंद रही। लोग दवा के लिए भटकते रहे। दवा विक्रेताओं ने मांग के संबंध में एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन देने वालों में प्रेम प्रकाश पुरोहित, दीपेंद्र नेगी, किशोरी प्रसाद डिमरी, नरेश सती, बीरेंद्र बर्तवाल, देवी प्रसाद मैखुरी, देवेंद्र खंडूड़ी, राजेंद्र प्रसाद पुरोहित आदि शामिल थे। दूसरी ओर नारायणबगड़, थराली, देवाल, गैरसैंण और गौचर में भी दवा की दुकानें बंद रहीं।
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नई टिहरी। नई टिहरी व बौराड़ी सहित जिलेभर के कई स्थानों में दवा विक्रेताओं ने अपने मेडिकल स्टोर बंद रखे। दवा विक्रेता गुरु प्रसाद कुकरेती, चंद्रमोहन अरोड़ा, राजपाल राणा, कमल राणा, विजय खरोला, अब्दुल अतिक, पवन अग्रवाल व मुकेश रतूड़ी आदि ने सरकार से दवाइयों की ऑनलाइन बिक्री संबंधी निर्णय को वापस लेने की मांग की है।
रुद्रप्रयाग। जिले में भी दवा विक्रेताओं की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। जिला मुख्यालय समेत तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ, गुप्तकाशी, ऊखीमठ व जखोली आदि क्षेत्रों में दवाइयों की दुकानें बंद रही। लोगों को समय पर जरूरी दवा उपलब्ध नहीं हो पाई। दवा विक्रेता एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष दिपांशु भट्ट व सचिव घनश्याम कंडारी का कहना है कि कहा कि इंटरनेट फार्मेसी को मान्यता देने वाले कानून का विरोध किया जाएगा।
छोटे दवा विक्रेताओं के हितों पर होगा कुठाराघात
कोटद्वार। केमिस्ट एसोसिएशन से जुड़े नगर के सभी दवा विक्रेता मालवीय उद्यान के निकट एकत्र हुए। यहां से वे नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में तहसील पहुंचे। यहां एसडीएम के माध्यम से उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। तहसील में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा देश में दवाओं का खुदरा मार्जन 16 से 20 फीसदी और थोक मार्जन आठ से 10 फीसदी तक निर्धारित किया गया है, जबकि ऑनलाइन पोर्टल में 50 से 70 फीसदी तक मार्जन के ऑफर दिए जा रहे हैं। इस व्यवस्था से छोटे दवा विक्रेताओं के हितों पर कुठाराघात होगा। प्रदर्शनकारियों में एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक अग्रवाल, कोषाध्यक्ष अतुल गर्ग, महामंत्री दीपक बिष्ट, दिनेश रस्तोगी, कवींद्र सिलोड़ी, नवल गौड़, विनोद अग्रवाल, घनानंद कुलाश्री, प्रदीप कुमार, प्रवीन अग्रवाल, रवि अग्रवाल, विक्रम सिंह गुसाईं, मनोज जुयाल, अनिल गैरोला व हर्ष रस्तोगी आदि शामिल रहे। ब्यूरो