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पत्नी के उत्पीड़न के आरोपी पति को डेढ़ साल का कारावास, पांच हजार जुर्माना
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कोटद्वार। न्यायिक मजिस्ट्रेट विवेक सिंह राणा की अदालत ने पत्नी के उत्पीड़न के आरोपी पति को डेढ़ साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना होगा। मामला यमकेश्वर तहसील के ढांगू क्षेत्र के ढांसी गांव का है।
सहायक अभियोजन अधिकारी यजुवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि 25 मई, 2017 को सुनीता देवी निवासी ग्राम ढांसी ने अपने पति प्रेम सिंह के खिलाफ तहसील में उसके साथ क्रूरतापूर्वक मारपीट करने, मानसिक और शारीरिक रूप से उत्पीड़न करने और गाली गलौच का मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट में कहा गया कि प्रेम सिंह शादी के 16 साल के अंतराल में पिछले तीन साल से जहां उसके चरित्र पर आपेक्ष लगाते हुए मारपीट कर रहा था, वहीं उसे आए दिन शारीरिक और मानसिक रूप से भी प्रताड़ित कर रहा है। पांच मई, 2017 को गांव में जब वह अपने घर पर सोई हुई थी, तब उसके पति ने लोहे के सरिये से मारपीट की, जिससे उसके सिर पर गंभीर चोटें आ गईं। पीड़िता की तहरीर पर तल्ला ढांगू तृतीय यमकेश्वर राजस्व पुलिस सर्किल में आईपीसी की धारा 498ए, 323, 504 और 506 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू की गई।
एपीओ यजुवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में आठ गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें और पत्रावलियों पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विवेक सिंह राणा ने जहां अभियुक्त को आईपीसी की धारा 504 से दोषमुक्त कर दिया, वहीं आईपीसी 498ए में दोषसिद्ध करार देते हुए डेढ़ साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपी को आईपीसी की धारा 324 और 506 में भी दोषसिद्ध करार देते हुए एक साल के कठोर कारावास से दंडित किया गया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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सहायक अभियोजन अधिकारी यजुवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि 25 मई, 2017 को सुनीता देवी निवासी ग्राम ढांसी ने अपने पति प्रेम सिंह के खिलाफ तहसील में उसके साथ क्रूरतापूर्वक मारपीट करने, मानसिक और शारीरिक रूप से उत्पीड़न करने और गाली गलौच का मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट में कहा गया कि प्रेम सिंह शादी के 16 साल के अंतराल में पिछले तीन साल से जहां उसके चरित्र पर आपेक्ष लगाते हुए मारपीट कर रहा था, वहीं उसे आए दिन शारीरिक और मानसिक रूप से भी प्रताड़ित कर रहा है। पांच मई, 2017 को गांव में जब वह अपने घर पर सोई हुई थी, तब उसके पति ने लोहे के सरिये से मारपीट की, जिससे उसके सिर पर गंभीर चोटें आ गईं। पीड़िता की तहरीर पर तल्ला ढांगू तृतीय यमकेश्वर राजस्व पुलिस सर्किल में आईपीसी की धारा 498ए, 323, 504 और 506 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू की गई।
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एपीओ यजुवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में आठ गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें और पत्रावलियों पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विवेक सिंह राणा ने जहां अभियुक्त को आईपीसी की धारा 504 से दोषमुक्त कर दिया, वहीं आईपीसी 498ए में दोषसिद्ध करार देते हुए डेढ़ साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपी को आईपीसी की धारा 324 और 506 में भी दोषसिद्ध करार देते हुए एक साल के कठोर कारावास से दंडित किया गया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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