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एनएच पर सुखरो नदी से उफान से पुल और सड़क पर मंडरा रहा खतरा
Updated Sun, 05 Aug 2018 10:40 PM IST
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कोटद्वार। नजीबाबाद-बुआखाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुखरो नदी के उफान से सुखरो नदी के ऊपर बने पुल के क्षतिग्रस्त और सड़क के बहने का खतरा पैदा हो गया है। दो साल से पुल के पास लगातार भू कटाव जारी है, लेकिन मार्ग पर रात-दिन आवाजाही कर रहे वाहनों की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग लापरवाह बना हुआ है।
22 जुलाई 2016 को सुखरो नदी में आए उफान में रेलवे का पुल बह गया था। इस दौरान एनएच पर सुखरो नदी में बने मोटर पुल और सड़क का कुछ हिस्सा ढह गया था। तब कटाव को देखते हुए एनएच के अधिकारियों ने सड़क की सुरक्षा के लिए उसके किनारे रेत व मिट्टी से भरे कट्टे लगाए थे, लेकिन उसके बाद विभाग ने पुल के पास सड़क पर सुरक्षा दीवार बनाने की जहमत नहीं उठाई। गत कई दिनों से पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश से सुखरो नदी उफान पर है। रविवार को नदी में आए उफान में पुल के पास सड़क सुरक्षा के लिए लगाए गए कट्टे बह गए। इससे एनएच पर पुल और सड़क पर खतरा मंडरा रहा है। वर्तमान में एनएच पर सुरक्षा के लिए किसी प्रकार के उपाय नहीं किए गए हैं। इससे भारी वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। खतरे से अनजान लोग मार्ग पर आवाजाही कर रहे हैं।
एनएच के प्रोजेक्ट मैनेजर डीके चतुर्वेदी ने कहा कि विभागीय कर्मियों को एनएच की सुरक्षा के लिए रेत के कट्टे भरकर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। रिजर्व फॉरेस्ट लैंड होने के कारण काम कराने में दिक्कत आ रही है। रिटेनिंग वाल के निर्माण का कार्य बरसात रुकने के बाद शुरू करवाया जाएगा।
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22 जुलाई 2016 को सुखरो नदी में आए उफान में रेलवे का पुल बह गया था। इस दौरान एनएच पर सुखरो नदी में बने मोटर पुल और सड़क का कुछ हिस्सा ढह गया था। तब कटाव को देखते हुए एनएच के अधिकारियों ने सड़क की सुरक्षा के लिए उसके किनारे रेत व मिट्टी से भरे कट्टे लगाए थे, लेकिन उसके बाद विभाग ने पुल के पास सड़क पर सुरक्षा दीवार बनाने की जहमत नहीं उठाई। गत कई दिनों से पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश से सुखरो नदी उफान पर है। रविवार को नदी में आए उफान में पुल के पास सड़क सुरक्षा के लिए लगाए गए कट्टे बह गए। इससे एनएच पर पुल और सड़क पर खतरा मंडरा रहा है। वर्तमान में एनएच पर सुरक्षा के लिए किसी प्रकार के उपाय नहीं किए गए हैं। इससे भारी वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। खतरे से अनजान लोग मार्ग पर आवाजाही कर रहे हैं।
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एनएच के प्रोजेक्ट मैनेजर डीके चतुर्वेदी ने कहा कि विभागीय कर्मियों को एनएच की सुरक्षा के लिए रेत के कट्टे भरकर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। रिजर्व फॉरेस्ट लैंड होने के कारण काम कराने में दिक्कत आ रही है। रिटेनिंग वाल के निर्माण का कार्य बरसात रुकने के बाद शुरू करवाया जाएगा।
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