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पहाड़ों पर हुई बारिश से उफनाई कोल्हू नदी, पार करना मुश्किल
Updated Tue, 31 Jul 2018 10:28 PM IST
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कोटद्वार। पहाड़ों पर हुई भारी बरसात के चलते मंगलवार दोपहर बाद कोल्हू नदी अचानक उफान पर आ गई। इससे कोटद्वार-सनेह-पाखरौ कालागढ़ मार्ग पर यातायात ठप हो गया। हर रोज काम के सिलसिले में कोटद्वार आने वाले दर्जनों गांवों के सैकड़ों लोगों को जान जोखम में डालकर नदी पार करनी पड़ी। उफनाई नदी में वन गुर्जरों में लोगों को आर-पार कराया।
कोटद्वार भाबर में मंगलवार को जहां बूंदाबांदी हुई, वहीं दुगड्डा और लैंसडौन वन प्रभाग की पहाड़ियों पर जमकर बरसात हुई। पहाड़ों पर भारी बरसात से कोटद्वार-सनेह-पाखरौ मार्ग पर पड़ने वाली कोल्हू नदी अचानक उफनाने लगी। कोटद्वार निवासी विजयपाल सिंह रावत, दीपक कुमार, उमेश व श्याम सिंह का कहना है कि जहां एक ओर सनेह क्षेत्र के ग्रामीण दूसरी ओर फंसे रहे गए, वहीं हर रोज काम के सिलसिले में कोटद्वार आने वाले बगनाला, रामजीवाला समेत दर्जनों गांवों के लोग शाम को नदी के इस ओर फंसे रह गए। विजयपाल ने बताया कि शाम के वक्त उफान थोड़ा कम होने पर वन गुर्जरों की मदद से लोग आर-पार जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने कोल्हू नदी में पुल का निर्माण प्रस्तावित किया है, लेकिन वन भूमि हस्तांतरण के कारण पुल का निर्माण नहीं हो रहा है।
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कोटद्वार भाबर में मंगलवार को जहां बूंदाबांदी हुई, वहीं दुगड्डा और लैंसडौन वन प्रभाग की पहाड़ियों पर जमकर बरसात हुई। पहाड़ों पर भारी बरसात से कोटद्वार-सनेह-पाखरौ मार्ग पर पड़ने वाली कोल्हू नदी अचानक उफनाने लगी। कोटद्वार निवासी विजयपाल सिंह रावत, दीपक कुमार, उमेश व श्याम सिंह का कहना है कि जहां एक ओर सनेह क्षेत्र के ग्रामीण दूसरी ओर फंसे रहे गए, वहीं हर रोज काम के सिलसिले में कोटद्वार आने वाले बगनाला, रामजीवाला समेत दर्जनों गांवों के लोग शाम को नदी के इस ओर फंसे रह गए। विजयपाल ने बताया कि शाम के वक्त उफान थोड़ा कम होने पर वन गुर्जरों की मदद से लोग आर-पार जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने कोल्हू नदी में पुल का निर्माण प्रस्तावित किया है, लेकिन वन भूमि हस्तांतरण के कारण पुल का निर्माण नहीं हो रहा है।
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