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वन मंत्री के जनता दरबार में छाई रहे सिंचाई, आपदा, पेंशन के मामले
Updated Sat, 30 Jun 2018 11:00 PM IST
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किशनपुर (कोटद्वार)। भाबर के जीआईसी कण्वघाटी में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में पेंशन, बिजली, सिंचाई, प्रमाणपत्र बनाने की समस्याएं छाई रही। ग्रामीणों ने सरकारी विभागों पर उदासीनता पर आक्रोश जताते हुए समस्याओं के निराकरण की मांग वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत से की।
शनिवार को वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने जीआईसी कण्वघाटी में जनता दरबार और बहुउद्देशीय शिविर का आयोजित किया। ग्राम पंचायतों को विकास योजनाओं का पैसा न मिलने, बाढ़ नियंत्रण के कार्यों में लापरवाही बरतने, ग्राम पंचायतों और नगर निगम में उलझे ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमाणपत्र न बनने, आपदा प्रबंधन कार्यों से संबंधित मसले उठे, जिनका वन मंत्री ने त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
शिविर में झंडीचौड़ उत्तरी निवासी आलम सिंह ने ग्रामीणों को प्रमाणपत्र बनाने के लिए बहुत मुश्किलों का सामना करने की बात कही। श्रीरामपुर निवासी कुबेर जलाल ने आपदा के एक वर्ष बाद भी तेलीस्रोत की क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों की मरम्मत न होने, जीत सिंह अधिकारी ने भूदेवपुर और गंदेरियाखाल समेत कई गांवों में सिंचाई गूलें क्षतिग्रस्त होने का मामला उठाया। विमल प्रसाद शुक्ला ने नलकूपों के रखरखाव के लिए पर्याप्त धनराशि दिलाने की मांग मंत्री से की। बाढ़ और आपदा से जुड़े मामले में कैबिनेट मंत्री रावत ने रामदयालपुर गांव के पास तेलीस्रोत पर बनी पुलिया और राजकीय नलकूप संख्या 31 पर बनी पुलिया को चौड़ा करने के निर्देश लोनिवि दुगड्डा के ईई निर्भय सिंह को दिए।
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इस मौके पर वन मंत्री ने स्वत: स्वरोजगार योजना के अंतर्गत दिव्यांग राजपाल सिंह को दस हजार की अनुदान राशि का चेक दिया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह बिष्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला, सीडीओ दिप्ती सिंह, किसान नेता परशुराम, राकेश धूलिया, दिनेश जोशी, पूर्व पालिका अध्यक्ष रश्मि राणा आदि मौजूद रहे।
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शनिवार को वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने जीआईसी कण्वघाटी में जनता दरबार और बहुउद्देशीय शिविर का आयोजित किया। ग्राम पंचायतों को विकास योजनाओं का पैसा न मिलने, बाढ़ नियंत्रण के कार्यों में लापरवाही बरतने, ग्राम पंचायतों और नगर निगम में उलझे ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमाणपत्र न बनने, आपदा प्रबंधन कार्यों से संबंधित मसले उठे, जिनका वन मंत्री ने त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
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शिविर में झंडीचौड़ उत्तरी निवासी आलम सिंह ने ग्रामीणों को प्रमाणपत्र बनाने के लिए बहुत मुश्किलों का सामना करने की बात कही। श्रीरामपुर निवासी कुबेर जलाल ने आपदा के एक वर्ष बाद भी तेलीस्रोत की क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों की मरम्मत न होने, जीत सिंह अधिकारी ने भूदेवपुर और गंदेरियाखाल समेत कई गांवों में सिंचाई गूलें क्षतिग्रस्त होने का मामला उठाया। विमल प्रसाद शुक्ला ने नलकूपों के रखरखाव के लिए पर्याप्त धनराशि दिलाने की मांग मंत्री से की। बाढ़ और आपदा से जुड़े मामले में कैबिनेट मंत्री रावत ने रामदयालपुर गांव के पास तेलीस्रोत पर बनी पुलिया और राजकीय नलकूप संख्या 31 पर बनी पुलिया को चौड़ा करने के निर्देश लोनिवि दुगड्डा के ईई निर्भय सिंह को दिए।
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इस मौके पर वन मंत्री ने स्वत: स्वरोजगार योजना के अंतर्गत दिव्यांग राजपाल सिंह को दस हजार की अनुदान राशि का चेक दिया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह बिष्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला, सीडीओ दिप्ती सिंह, किसान नेता परशुराम, राकेश धूलिया, दिनेश जोशी, पूर्व पालिका अध्यक्ष रश्मि राणा आदि मौजूद रहे।