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जस्टिस वीके बिष्ट के मुख्य न्यायाधीश बनने से क्षेत्र में खुशी की लहर
Updated Sat, 13 Oct 2018 10:12 PM IST
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कोटद्वार। उत्तराखंड हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस वीके बिष्ट के सिक्किम हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनने पर उनके परिजनों, परिचितों और पौड़ी जिले के अधिवक्ताओं में खुशी है।
पौड़ी जिला मुख्यालय के पास स्थित सीकू गांव के मूल निवासी जस्टिस वीके बिष्ट की प्रारंभिक शिक्षा कांसखेत में हुई। उनके पिता दरबान सिंह बिष्ट लंबे समय तक कांसखेत इंटर कालेज में प्राचार्य के पद पर रहे। छह भाई बहनों में पांचवें नंबर और भाइयों में सबसे छोटे जस्टिस वीके बिष्ट पौड़ी से इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद उच्च शिक्षा के लिए इलाहाबाद चले गए। वहां इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर करने के बाद उन्होंने एलएलबी किया। वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय, हायर सेकेंडरी एजुकेशन, रेलवे, वन निगम समेत कई संस्थानों के अधिवक्ता और विधिक सलाहकार रहे। वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य बनने के बाद वह नैनीताल हाईकोर्ट आ गए। नवंबर, 2008 में वह उत्तराखंड हाईकोर्ट में जज नियुक्त हुए। यहां भी उन्होंने अपनी अलग छाप छोड़ी। यहां वह समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए पहचाने जाते हैं।
जस्टिस वीके बिष्ट के बहनोई ले. कमांडर बीएस रावत (सेनि.) बताते हैं कि वह बेहद शांत और मिलनसार स्वभाव के हैं। पहाड़ और अपनी माटी से उन्हें बेहद लगाव है। उनके सिक्किम का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त होना गढ़वाल ही नहीं, पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष किशन सिंह पंवार, पूर्व अध्यक्ष अजय पंत, वरिष्ठ अधिवक्ता जगमोहन सिंह नेगी, धनीष पोखरियाल, पंकज भट्ट, चंद्रमोहन बड़थ्वाल समेत सभी अधिवक्ताओं ने जस्टिस बिष्ट के चीफ जस्टिस बनने पर खुशी जाहिर की है।
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पौड़ी जिला मुख्यालय के पास स्थित सीकू गांव के मूल निवासी जस्टिस वीके बिष्ट की प्रारंभिक शिक्षा कांसखेत में हुई। उनके पिता दरबान सिंह बिष्ट लंबे समय तक कांसखेत इंटर कालेज में प्राचार्य के पद पर रहे। छह भाई बहनों में पांचवें नंबर और भाइयों में सबसे छोटे जस्टिस वीके बिष्ट पौड़ी से इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद उच्च शिक्षा के लिए इलाहाबाद चले गए। वहां इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर करने के बाद उन्होंने एलएलबी किया। वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय, हायर सेकेंडरी एजुकेशन, रेलवे, वन निगम समेत कई संस्थानों के अधिवक्ता और विधिक सलाहकार रहे। वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य बनने के बाद वह नैनीताल हाईकोर्ट आ गए। नवंबर, 2008 में वह उत्तराखंड हाईकोर्ट में जज नियुक्त हुए। यहां भी उन्होंने अपनी अलग छाप छोड़ी। यहां वह समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए पहचाने जाते हैं।
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जस्टिस वीके बिष्ट के बहनोई ले. कमांडर बीएस रावत (सेनि.) बताते हैं कि वह बेहद शांत और मिलनसार स्वभाव के हैं। पहाड़ और अपनी माटी से उन्हें बेहद लगाव है। उनके सिक्किम का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त होना गढ़वाल ही नहीं, पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष किशन सिंह पंवार, पूर्व अध्यक्ष अजय पंत, वरिष्ठ अधिवक्ता जगमोहन सिंह नेगी, धनीष पोखरियाल, पंकज भट्ट, चंद्रमोहन बड़थ्वाल समेत सभी अधिवक्ताओं ने जस्टिस बिष्ट के चीफ जस्टिस बनने पर खुशी जाहिर की है।
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