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रघुवंशी हत्याकांड के खुलासे को उनकी पत्नी ने दिया तहसील में धरना
Updated Mon, 13 Aug 2018 10:56 PM IST
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कोटद्वार। अधिवक्ता सुशील रघुवंशी हत्याकांड का 11 माह बाद भी खुलासा न होने से आक्रोशित मृतक की पत्नी रेखा रघुवंशी ने सोमवार को तहसील में धरना दिया। इस मौके पर विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने उनके समर्थन में धरना दिया। धरने के दौरान प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर हत्याकांड की जांच के लिए पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की मांग की गई।
अधिवक्ता सुशील रघुवंशी की पत्नी सोमवार को तहसील पहुंची, जहां उन्होंने तहसील में बैठकर धरना दिया। उनके समर्थन में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और बीईएल कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी भी धरने पर बैठे। इस मौके पर उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि हत्याकांड के एक साल बाद भी पुलिस इसका खुलासा नहीं कर पाई है। मरने से पूर्व उनके पति ने कुछ लोगों को नामजद किया था। पूरे घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका संदिग्ध बनी हुई है। अब भी प्रशासन हरकत में नहीं आया तो उन्हें आमरण अनशन पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
धरना देने वालों में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष किशन पंवार, प्रमोद राणा, विशेश्वरी राणा, ध्यान सिंह नेगी, मुजीब नैथानी, हुकुम सिंह, प्रवेश रावत, मुकेश चंद्र कबटियाल, दीपक रावत, अनूप थपलियाल, राजदर्शन मैंदोला, हरीश चंद्र, अखिलेश घिल्डियाल, आशीष जदली, अरविंद वर्मा, आशीष किमोटी, नरेंद्र गुसाईं, शिशुपाल सिंह नेगी, सत्यवीर सिंह, महेंद्र सिंह व शिवदयाल सिंह आदि शामिल रहे।
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अधिवक्ता सुशील रघुवंशी की पत्नी सोमवार को तहसील पहुंची, जहां उन्होंने तहसील में बैठकर धरना दिया। उनके समर्थन में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और बीईएल कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी भी धरने पर बैठे। इस मौके पर उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि हत्याकांड के एक साल बाद भी पुलिस इसका खुलासा नहीं कर पाई है। मरने से पूर्व उनके पति ने कुछ लोगों को नामजद किया था। पूरे घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका संदिग्ध बनी हुई है। अब भी प्रशासन हरकत में नहीं आया तो उन्हें आमरण अनशन पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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धरना देने वालों में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष किशन पंवार, प्रमोद राणा, विशेश्वरी राणा, ध्यान सिंह नेगी, मुजीब नैथानी, हुकुम सिंह, प्रवेश रावत, मुकेश चंद्र कबटियाल, दीपक रावत, अनूप थपलियाल, राजदर्शन मैंदोला, हरीश चंद्र, अखिलेश घिल्डियाल, आशीष जदली, अरविंद वर्मा, आशीष किमोटी, नरेंद्र गुसाईं, शिशुपाल सिंह नेगी, सत्यवीर सिंह, महेंद्र सिंह व शिवदयाल सिंह आदि शामिल रहे।
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